पडरौना। एनएच-28 के रास्ते बिहार से ओवरलोड मौरंग और बालू लदे ट्रकों को जिले की सीमा में अवैध तरीके से प्रवेश कराकर सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
खनन अधिकारी ने मोरंग सिंडिकेट के 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। इनमें ट्रक मालिक भी शामिल हैं। हाईवे के किनारे होटल, ढाबा की आड़ में लग्जरी गाड़ियों से गिरोह के सदस्य इस खेल में भूमिका निभा रहे थे।
हाईवे पर सक्रिय गिरोह में ट्रक मालिक, चालक, होटल संचालक और सूचना तंत्र संभालने वाले लोग शामिल बताए जा रहे हैं। बिहार के पटना, अरवल और आरा समेत कई जिलों से प्रतिदिन सौ से अधिक ओवरलोड ट्रक तरयासुजान थाना क्षेत्र के बहादुरपुर पुलिस चौकी के रास्ते कुशीनगर जिले में प्रवेश करते थे। अधिकतर ट्रकों के पास आईएसटीपी (अंतरराज्यीय पारगमन पास) नहीं होता था, लेकिन रसूख और सेटिंग के दम पर उनको जिले में दाखिल कराने के बाद तय स्थानों तक पहुंचा दिया जाता था।
कार्रवाई से बचने के लिए ट्रकों की नंबर प्लेट को काले रंग, मोबिल और कपड़ों से ढक दिया जाता था, ताकि पहचान उजागर न हो सके। हाईवे पर गिरोह के गुर्गे थार और स्कॉर्पियो जैसे वाहनों से पूरी रात सक्रिय रहकर जांच टीमों की गतिविधियों पर नजर रखते थे। उनकी गतिविधियों की सूचना लीक कर देते थे। इससे ट्रक चालक अपना रास्ता बदल देते थे या गाड़ी की जिले में एंट्री नहीं कराते थे।
तीन मई को इस खेल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए और उनकी मिलीभगत की चर्चा आम हो गई। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार ने हाईवे से जुड़े थानों और तमकुहीराज तहसील प्रशासन को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। शुक्रवार को जिला खनन अधिकारी अभिषेक सिंह को सूचना मिली कि बहादुरपुर पुलिस चौकी के पास से बिना आईएसटीपी के तीन ओवरलोड मोरंग वाले ट्रक गुजर रहे हैं। उनकी जांच के दौरान पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।