पेड़ की डाल पर बैठा बंदरों का झुंड। स्रोत-सोशल मीडिया
रहसू बाजार। क्षेत्र के रहसूसुमाली पट्टी, नदवाविशुनपुर, कोटवा करजही, सरैया महंथ पट्टी, अमवा तिवारी, धौरहरा, मधुरिया, धुनवलिया, जोकवा बुजुर्ग ग्राम पंचायत में इन दिनों बंदरों का आतंक ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। गांव आए दिन बूढ़े, बच्चे, महिलाओं और नौजवान बंदरों के हमले के शिकार हो रहें हैं। बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
बंदर जंगल छोड़ गांव को अपना आशियाना बनाये हुए हैं। लोगों के घरों में घुसकर रखे अनाज भी उठा के ले जा रहे है। दो दर्जन से अधिक लोगों को काटकर जख्मी कर चुके हैं। कृष्णावती देवी, राजीव, विद्यावती देवी, राजेंद्र शर्मा, जोनहिया देवी, मोतीचंद, अर्पिता, अखंड प्रताप, संध्या, अनुष्का, अहद, समद आदि लोगों को काटकर घायल कर दिए हैं।
ब्रजेश पाण्डेय, दिग्विजय सिंह, सुरेन्द्र कुशवाहा बृजमोहन कुशवाहा, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, सत्यम सिंह, सतेंद्र गोंड, शिवनाथ आदि लोगों का कहना है कि बंदर पकड़वाने के लिये कई बार वन विभाग को सूचना दिया गया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई बंदरों के आतंक से घर से निकलना मुश्किल हो गया है। कसया वन क्षेत्राधिकारी कसया जयंत राणा ने बताया कि गांव के लोग बंदरों को पकड़वाने के लिए सूचना देंगे तो कार्रवाई की जाएगी।