पडरौना। यूपी के बाद इन दिनों पूर्वांचल के तस्करों की सक्रियता कुशीनगर और आसपास में बढ़ गई है। सप्ताह में एक समान गति के साथ पशुुओं को ठिकाने पहुंचाने वाले यह तस्कर दो दिन ज्यादा सक्रिय रहते हैं। बिहार के अलग-अलग इलाकों में सजने वाली मंडे (सोमवार) की मंडियों में पशुओं की खेप पहुंचाने के लिए तस्करों का सिंडिकेट भी शनिवार और रविवार को अधिक सक्रिय हो जाता है।
सूत्रों की मानें तो बिहार के इलाकों में सजी मंडियों में तस्करी कर पहुंचाए गए दुधारू और आवारा पशु तुरंत बिक जाते हैं। वहीं, बाजार से ही आवारा पशुओं को असम और पश्चिम बंगाल तक भेजा जाता है। सोमवार को तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग के पास हुए मुठभेड़ में भी पूर्वांचल के आजमगढ़ के तीन तस्करों को पुलिस ने दबोचा, जबकि उनका ध्येय पशुओं को किसी भी हाल में सोमवार को बिहार पहुंचाना था।
पश्चिमी यूपी के रामपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, आगरा, मेरठ आदि जगहों के सिंडिकेट सह तस्करों की सक्रियता राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर बिहार तक सक्रिय देखी गई है, लेकिन पूर्वांचल के तस्कर भी इन दिनों पशुओं की खेप बिहार में पहुंचाने के लिए अधिक सक्रिय दिख रहे हैं। लगातार आजमगढ़, गोरखपुर आदि जगहों के तस्कर पुलिसिया कार्रवाई में कुशीनगर से गोपालगंज के बीच पकड़े जा रहे हैं। पांच दिन पूर्व गोपालगंज में भोरे-मीरगंज पथ पर आजमगढ़ से ट्रक में लदी 19 मवेशियों को लेकर दरभंगा जा रहे थे। जांच में सबेया चेकपोस्ट के पास वह पकड़े गए।
वहीं तुर्कपट्टी थाने के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप घाघी नदी के पास जो मुठभेड़ हुई, उसमें भी आजमगढ़ से तस्कर ट्रक और मवेशियों के साथ पकड़े गए हैं। सूत्रों के अनुसार शनिवार और रविवार को तस्करों के सिंडिकेट के अधिक सक्रिय होने के पीछे ध्येय लेकर यह पशुओं को बिहार को पहले दरभंगा, मुजफ्फरपुर पहुंचाते हैं और उसके बाद भोजपुर, हाजीपुर, बख्तियारपुर, बक्सर आदि इलाकों में सज रही मंडियों में इन्हें भेज दिया जाता है। जहां से इन्हें आसानी से खरीदा जाता है और वहां से उन्हें गाड़ी पर लोड कर झारखंड, बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तक ले जाया जाता है।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि पशु तस्करों के खिलाफ सभी थानाध्यक्षों को अभियान चलाकर क्षेत्र में सक्रिय पशु तस्करों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हाईवे से गुजरने वाले माल वाहकों पर नजर रखने को कहा गया है। गांवों के रास्ते बिहार में होने वाले पशु तस्करों पर भी नजर रखी जा रही है। किसी भी हाल में कुशीनगर के रास्ते पशुओं की तस्करी नहीं होने दिया जाएगा।