मैनपुर कोट गांव आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष बहुचर्चित मैत्रेय परियोजना का मामला भी उठेगा। कुशीनगर के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी अधिग्रहित 450 एकड़ भूमि के डिनोटिफिकेशन की मांग रखेंगे। इस जमीन के लिए किसानों ने अब तक मुआवजा नहीं लिया है। विधायक पूरी परियोजना के उच्चस्तरीय जांच की मांग भी मुख्यमंत्री से करेंगे।
मंगलवार को विधायक ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल मैनपुर कोट में हो रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद कसया में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वे जिले में आ रहे मुख्यमंत्री से विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं व भावी योजनाओं पर चर्चा करेंगे। विधायक ने बताया कि मैत्रेय परियोजना की 450 एकड़ भूमि उन किसानों की हैं, जिन्होंने मुआवजा नही लिया है। पूर्व की सपा बसपा व सरकार ने इस भूमि को डीनोटिफाई नहीं किया था। जिससे किसान भूमि रहते हुए भी 15 वर्ष से भूमिहीन बने हुए हैं। इसके अलावा मैत्रेय परियोजना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी करेंगे। क्योंकि अरबों रुपये की इस परियोजना में पूर्व मुख्यमंत्रियों की रूचि के बाद भी आज तक कोई निर्माण कार्य नही हुआ। विधायक का कहना है कि गैर भाजपा सरकारों ने मै़त्रेय की असलियत को जनता के सामने नहीं आने दिया। विधायक ने बताया कि कुशीनगर में एक विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, हाइटेक बस अड्डा बनाने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी।