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मंत्री-अधिकारी का आडियो टेप वायरल

Sat, 30 Jul 2016 11:15 PM IST
kushinagar
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फोन
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कुशीनगर/हाटा। प्रदेश सरकार के एक मंत्री और जिले में तैनात एक अफसर के बीच हुई कहासुनी का आडियो टेप शनिवार की सुबह से ही चर्चा का विषय बना रहा। इस टेप में मंत्री ने अधिकारी को फोन कर उनके विधानसभा क्षेत्र से संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों को काम नहीं दिए जाने पर सख्त नाराजगी जताई है। मंत्री ने लगे हाथ सत्ताधारी दल से ही जुड़े एक विधायक और उनके पुत्र पर भी टिप्पणी की है। इस मामले के चर्चा में आने बाद से अधिकारी ने अपना मोबाइल फोन डायवर्ट कर दिया है।
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शनिवार की सुबह से ही लोगों के ह्वाट्सएप और फेसबुक पर एक आडियो टेप वायरल हो रहा है। एक मिनट 12 सेकेंड के इस टेप में मंत्री और अफसर के बीच हुआ वार्तालाप है। इसमें मंत्री ने अफसर को अपने विधानसभा क्षेत्र के उनसे संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों को काम न देने पर फटकार लगाई है। इस वार्तालाप में कई बार अपशब्दों का प्रयोग हुआ है। नाराज मंत्री ने अफसर को उसके विभागीय मंत्री से उसके संबंध में हुई बातचीत का भी हवाला दिया है। साथ ही अपनी ही पार्टी के एक विधायक और उनके पुत्र की चर्चा करते हुए कहा है कि वे लोग बचा नहीं पाएंगे। टेप वायरल होने के बाद से ही अफसर ने अपने मोबाइल नंबर को डायवर्ट कर दिया है। टेप वायरल होने के बाद जिले में पूर्व में भी हो चुकी इस तरह की घटनाएं चर्चा में आ गई हैं। फेसबुक और ह्वाट्सएप पर वायरल हो रहा यह आडियो टेप लोग खोज-खोजकर सुन रहे हैं।
नहीं पहुंचे सदस्य
हाटा। मंत्री और अफसर के बीच हुए वार्तालाप का आडियो टेप वायरल होने के बाद चर्चा में आए इस मामले में दोपहर में अचानक ही एक नया मोड़ आया। मंत्री के क्षेत्र के एक जिला पंचायत सदस्य ने संबंधित अफसर पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पडरौना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। सदस्य ने इसके लिए कुछ लोगों को फोन करके संपर्क भी किया लेकिन शाम तक भी वह पडरौना नहीं पहुंचे। देर शाम इस सदस्य ने बताया कि मंत्रीजी का फोन आ गया था। अब रविवार की सुबह 10 बजे मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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सन्न हैं कई अफसर
मंत्री और जिला स्तरीय अफसर के बीच फोन पर हुए वार्तालाप का आडियो टेप वायरल होने के बाद जिले के कई अफसर सन्न हैं। अफसर पूर्व में हो चुकी इस तरह की घटनाओं की भी चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, मामला मंत्री से जुड़ा होने के चलते कोई इस पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। इस मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों की चुप्पी पर भी अन्य अधिकारी चुटकी ले रहे हैं।
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