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कई विद्यालयों में नहीं बंटा दूध

Wed, 10 Feb 2016 11:23 PM IST
अमर उजाला/कुशीनगर
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पडरौना/हाटा। प्रत्येक बुधवार को परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को दूध बांटने की योजना की हकीकत जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने इलाके के स्कूलों का औचक निरीक्षण में जाना।
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डीएम ने बीएसए के साथ पडरौना और कसया ब्लॉक के स्कूलों का दौरा किया। इस दौरान विद्यालयों में कुछ अन्य कमियां भी देखने को मिलीं। इससे नाराज डीएम ने कुछ प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया।


प्रत्येक बुधवार को परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मिड-डे मील के साथ दूध देने की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को 170 एमएल और पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों को 200 एमएल दूध देना है। इस योजना की हकीकत जानने के लिए डीएम ने जिले के सभी एसडीएम को पांच-पांच स्कूलों की जांच करने का निर्देश दिया था।
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डीएम खुद भी बीएसए के साथ प्राथमिक विद्यालय बैजनाथपुर पहुंचे गए। यहां मिड-डे मील तो बन रहा था, लेकिन दूध की कोई व्यवस्था नहीं थी। विद्यालय भवन की रंगाई पुताई नहीं की गई थी, फर्श भी टूटा हुआ था। इस पर डीएम ने प्रधानाध्यापक का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए बीईओ पडरौना से स्कूल की व्यवस्था ठीक नहीं होने पर स्पष्टीकरण मांगा। माधोपुर मठीया प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक के अनुपस्थित होने और दूध का वितरण नहीं होने पर डीएम ने उनका वेतन रोकने का निर्देश देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।

प्राथमिक विद्यालय नरकटिया बुजुर्ग में बच्चों की उपस्थिति और ठीक व्यवस्था को देख कर विद्यालय की सराहना की। इसके अलावा डीएम ने प्राथमिक विद्यालय शिवपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवपुर बुजुर्ग, प्राथमिक विद्यालय सखवनिया बुजुर्ग, खेसारी गिदहा आदि विद्यालयों का भी निरीक्षण किया।

उधर हाटा में एसडीएम जेपी गुप्ता ने भी डीएम के निर्देश पर प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। जिसमें कई विद्यालयों पर दूध वितरण की औपचारिकता करते पाई गई। किसी विद्यालय पर तीन लीटर तो किसी विद्यालय पर पांच लीटर दूध लाया गया था। जो मानक के हिसाब से काफी कम था। हाटा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय पोखरभिंडा में उपस्थिति पंजिका भरा नहीं गया था।

जिस पर प्रधानाध्यापक माधुरी सिंह ने बताया कि पंजिका पर दोपहर दो बजे उपस्थिति दर्ज करती हैं। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए उन्हें हिदायत दी। इस विद्यालय पर मिड-डे मील भी मानक के अनुसार नहीं बना हुआ था। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सहबाजपुर में मिड-डे मील रजिस्टर ही विद्यालय पर मौजूद नहीं था। मिड-डे मील नहीं बन रहा था। दूध की भी व्यवस्था नहीं थी।

एसडीएम ने बताया कि विद्यालयों पर तय मानक के अनुसार दूध की मात्रा नहीं थी। अधिकांश स्कूलों पर तीन चार लीटर दूध ही उपलब्ध था जबकि छात्र संख्या पचास के करीब थी। एसडीएम ने रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। पिपरा कनक प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का तहसीलदार तमकुहीराज रामसुधार ने निरीक्षण कर दूध वितरण और एमडीएम की जांच की।

कई विद्यालयों पर दुध की व्यवस्था नहीं पाई गई। विकास खंड तमकुही के भेलया अतरडीह, बिहार बुजुर्ग, बिहार खुर्द, स्थित प्राथमिक विद्यालयों में जांच के दौरान बच्चों में दूध का वितरण नहीं किया गया था। तहसीलदार ने शिक्षक एवं छात्र उपस्थिति पंजिका का भी निरीक्षण किया। तहसीलदार ने बताया कि दुध का वितरण कुछ विद्यालयों पर ही हुआ था। रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी जाएगी।
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