पडरौना। जिले में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री रिकॉर्ड किया गया और आज भी 41 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है। तल्ख धूप और लू के थपेड़ों से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। दोपहर में सड़कें सूनी हो जा रही हैं। तेज गर्मी से खेतों में धान की बेहन झुलस रही है, तो मेडिकल कॉलेज में उल्टी-दस्त और लू के मरीजों की लाइन लग रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक लू का अलर्ट जारी किया है।
जून के तीसरे हफ्ते में गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। आसमान से बरस रही आग और गर्म हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार सुबह नौ बजे ही पारा 33 डिग्री पार कर गया। दोपहर दो बजे 41 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। उस पर उमस ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी। सुबह 11 बजे के बाद बाजार, बस स्टैंड और चौराहों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। जरूरी काम से निकलने वाले लोग सिर पर गमछा, टोपी और छाता लगाकर निकल रहे हैं। रिक्शा, ठेला चलाने वाले पेड़ की छांव ढूंढ़ रहे हैं।
शहर के गांधी चौक पर फल बेचने वाले रामअवध ने बताया कि सुबह 11 से शाम चार बजे तक ग्राहक ही नहीं आते। धूप में खड़ा होना मुश्किल है। तल्ख मौसम का असर खेती पर भी दिखने लगा है। जिन किसानों ने धान की रोपाई कर डाली है, उनकी धान के पौधे तेज धूप से झुलस रही है। पानी सूख जा रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीज 20 से 25 प्रतिशत बढ़ गए हैं।
सीएमएस डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि रोज 80-90 मरीज उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और बुखार के आ रहे हैं। ज्यादातर मजदूर, बुजुर्ग और बच्चे हैं। लोगों को दोपहर में धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के प्रभारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम नहीं बनने और राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान बढ़ रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री तक जा सकता है। 18 जून तक लू चलने की आशंका है। इसके बाद ही कहीं जाकर बादल छाने और हल्की बारिश के आसार हैं।