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कुशीनगर में आंदोलित 314 लेखपाल निलंबित, एफआईआर दर्ज कराई गई

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कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे लेखपाल संघ के सदस्य। - फोटो : KUSHINAGAR
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कुशीनगर में आंदोलित 314 लेखपाल निलंबित
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कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने वाले लेखपालों के खिलाफ एसडीएम सदर ने कराई एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पिछले डेढ़ माह से आंदोलनरत लेखपालों के खिलाफ शुक्रवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई। कार्य बहिष्कार कर हड़ताल कर रहे जिले के 314 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे सभी लेखपालों के खिलाफ एसडीएम सदर ने पडरौना कोतवाली में खुद तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई है। यही नहीं हड़ताली लेखपालों को बर्खास्तगी की नोटिस जारी करते हुए डीएम ने मंडलायुक्त गोरखपुर को रिपोर्ट भेजी है।
एडीएम विंध्यवासिनी राय ने बताया कि जनपद में कुल 325 लेखपाल तैनात हैं। इनमें से 314 नियमित रूप से हड़ताल पर हैं। इन हड़ताली लेखपालों के खिलाफ नो वर्क नो पे के आधार पर ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई दो दिन पहले ही की जा चुकी है। इसके बावजूद लेखपाल ड्यूटी पर नहीं लौटे और कलेक्ट्रेट परिसर में ही अनवरत धरना-प्रदर्शन करते रहे। जनपद में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन जारी रखा। ऐसे में मंडलायुक्त गोरखपुर के निर्देशानुसार हड़ताली 314 लेखपाल शुक्रवार को निलंबित कर दिए गए। एडीएम ने बताया कि जो लेखपाल शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, उनके खिलाफ एसडीएम सदर रामकेश यादव ने पडरौना कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश भर में निषेधाज्ञा लागू है, जिसका लेखपाल लगातार उल्लंघन कर रहे हैं। पिछले दिनों मंडलायुक्त ने लेखपालों को हड़ताल और धरना-प्रदर्शन बंद करने की गुजारिश की थी। लेखपालों के ड्यूटी पर वापस न लौटने पर उन्होंने कार्रवाई की चेतावनी दी थी। उनके आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट मंडलायुक्त को प्रेषित कर दी गई है। इससे पहले लेखपालों की सेवा बाधित करने, एस्मा और आरोप पत्र प्रेषित करने की कार्रवाई की जा चुकी है।
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