रामकोला सीएचसी पर विधुत नही रहने के कारण अधेरे मे मोबाइल जला कर दवा वितरण करते अपरेटिश फर्माशिस
- सीएचसी रामकोला में जनरेटर लगा होने के बावजूद नहीं की गई वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था
- अंधेरे में मोबाइल की रोशनी से दवा बांटते दिखे फार्मासिस्ट, बच्ची को भी इसी रोशनी में लगाया एंटी-रेबीज टीका
रामकोला। सीएचसी रामकोला में सोमवार को बिजली आपूर्ति बाधित होने पर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली सामने आई। बिजली गुल होने के बाद अस्पताल में अंधेरा छा गया जबकि आपात स्थिति के लिए जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया गया। ऐसे में फार्मासिस्ट मोबाइल की रोशनी में मरीजों को दवा वितरित करते नजर आए।
इसी दौरान कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंची एक बच्ची को भी मोबाइल की रोशनी में टीका लगाया गया। इंजेक्शन लगाने जैसे संवेदनशील काम के दौरान पर्याप्त रोशनी नहीं होने से मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए। अस्पताल में मौजूद लोगों ने मोबाइल की रोशनी में स्वास्थ्यकर्मियों को काम करते देखा। सीएचसी में बिजली जाने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जनरेटर उपलब्ध है। इसके बावजूद उसे समय से नहीं चलाया गया। इससे दवा वितरण और टीकाकरण तक प्रभावित हुआ।
सवाल यह भी उठ रहा है कि जब जनरेटर आपात व्यवस्था के लिए लगाया गया है तो बिजली कटने के दौरान उसे तत्काल क्यों नहीं चालू किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे स्थान पर बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में रोशनी की वैकल्पिक व्यवस्था हर हाल में तैयार रहना चाहिए। खासकर टीकाकरण और दवा वितरण में थोड़ी भी लापरवाही मरीजों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से बिजली कटने पर तत्काल जनरेटर चालू कराने और वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी एपी गुप्ता ने बताया कि वह न्यायालय के मामले के सिलसिले में पडरौना में हैं। जनरेटर क्यों नहीं चलाया गया इसकी जानकारी ली जा रही है। मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।