कुशीनगर। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में मरीज को निजी अस्पताल में ले जाने से रोकने पर दलालों ने एक प्रशिक्षु फाॅर्मासिस्ट की पिटाई कर दिया था। इस मामले में आरोपी निखिल सिंह का शांतिभंग में चालान रविंद्रनगर धूस पुलिस ने किया है, बाकी दो आरोपियों तक अभी पुलिस नहीं पहुंच सकी है।
वहीं कॉलेज प्रशासन अब गेट पर दलालों का फोटो लगवाएगा और मरीजों को भी जागरूक करेगा। दूसरी ओर बृहस्पतिवार रात में मेडिकल कॉलेज प्रशासन सक्रिय दिखा और दलाल नजर नहीं आए। वहीं दलालों पर मुकदमा दर्ज कराने वाले प्रशिक्षु फाॅर्मासिस्ट पर पडरौना के दो निजी अस्पताल संचालक फोन कर सुलह के दबाव डाल रहे हैं ऐसा नहीं करने पर दलालों की तहरीर पर फर्जी केस दर्ज कराने की धमकी दे रहे हैं।
दोनों अस्पताल संचालक अपने को एक सफेदपोश का करीबी बताते हैं। स्वास्थ्य विभाग में इसकी चर्चाएं आम हैं। शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने एक्सरे कक्ष से दो दलालों को पकड़ा, इनकी चाबी और मोबाइल छीन लिया। बाद में चेतावनी देने के बाद छोड़ा। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन सीसीटीवी फुटेज की मदद से दलालों की पहचान करेगा।
मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आने वाले मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पतालों में लेकर जाने वाले दलालों का नेटवर्क तोड़ने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन प्रयास कर रहा है, लेकिन धौंस जमाकर दलाल मरीजों को निजी अस्पताल में बेहतर इलाज का झांसा देकर भेज रहे हैं। यह खेल करीब तीन महीने से चल रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कड़ा एक्शन नहीं लेने के चलते दलालों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। प्राचार्य ने कई बार दलालों को रंगे हाथ पकड़ा, लेकिन पुलिस को तहरीर नहीं देने के चलते दलालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
यही वजह रहा कि बुधवार की रात एक मरीज को डॉक्टर ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया और प्रशिक्षु फार्मासिस्ट उमेश कुशवाहा मरीज को एंबुलेंस में बैठा दिया, इससे नाराज दलालों ने प्रशिक्षु फार्मासिस्ट को दौड़ाकर इमरजेंसी के पास रात को पीट दिया।
बीच बचाव करने आए स्वास्थ्यकर्मियों को भी दौड़ा लिया। पुलिस इस मामले में निखिल सिंह, अर्पित राय और लक्की सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इसमें निखिल सिंह का शांतिभंग में पुलिस ने चालान किया है। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सहम गए हैं। बृहस्पतिवार की देर रात तक प्राचार्य खुद मेडिकल कॉलेज में मौजूद रहे और मरीजों के साथ आने वाले एक-एक लोगों के बारे में जानकारी ले रहे थे।
शुक्रवार को सुबह करीब नौ बजे निरीक्षण के दौरान दो दलाल एक्सरे कक्ष में मिल गए, हालाकि वह एक मरीज को लेकर इलाज कराने आने की बात कहे, प्राचार्य ने इनका मोबाइल और बाइक की चाबी ले लिया, क्योंकि बृहस्पतिवार को एक्सरे कक्ष से ही दुर्गावती देवी का मोबाइल और 100 रुपये लेकर दलाल भागा था। बाद में उनका नाम नोट करने और फोटो खींचवाने के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया।