पडरौना। जिले के परिषदीय स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत हर सोमवार फल और बुधवार दूध बांटने की व्यवस्था है। सरकार ने मई से पहले के महीनों में फल-दूध वितरण की जांच के आदेश दिए हैं। डीएम की निगरानी में एक से 20 मई तक टास्क फोर्स ने ने लक्षित 1210 परिषदीय विद्यालयों की जगह 1265 विद्यालयों में एमडीएम की जांच की, लेकिन कोई गड़बडी नहीं मिली।
जिले में कुल 2632 परिषदीय स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को फल और दूध उपलब्ध कराया जाता है। शासन के निर्देश पर हर सोमवार ताजा मौसमी फल और बुधवार को 150 मिली गर्म दूध देना अनिवार्य है। मई में शासन के निर्देश पर जिले में 1210 स्कूलों में वितरण व्यवस्था की जांच के आदेश दिए गए थे।
टास्क फोर्स ने 1265 स्कूलों की जांच की। जिला समन्वयक एमडीएम जितंद्र गौतम ने बताया कि जांच रिपोर्ट में किसी भी स्कूल में एमडीएम या फल-दूध वितरण में गड़बड़ी नहीं मिली है। इसलिए किसी भी स्कूल में पुनः जांच के आदेश नहीं दिए गए।
जिला समन्वयक ने बताया कि कन्वर्जन कास्ट की धनराशि 28 मई को स्कूलों के खाते में भेजी गई, जबकि 20 मई को ही गर्मी की छुट्टी हो गई थी। ऐसे में कन्वर्जन कास्ट में घपले की आशंका ही नहीं है। उन्होंने बताया कि जिले में पीएम पोषण योजना की निगरानी के लिए टास्क फोर्स बनी है। जिला स्तर पर डीएम अध्यक्ष और बीएसए सचिव होते हैं।
ब्लॉक स्तर पर एसडीएम अध्यक्ष और बीईओ सचिव की जिम्मेदारी निभाते हैं। टास्क फोर्स के सभी सदस्य स्कूलों में औचक निरीक्षण करते हैं। बीएसए अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मई में 1265 स्कूलों की जांच कराई गई थी। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
कन्वर्जन कास्ट लेट से जारी हुई है, लेकिन वह छुट्टी से पहले के कार्यदिवसों की है। सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश है कि रजिस्टर मेंटेन रखें और बच्चों को समय से फल-दूध दें।