पकड़ियार बाजार। क्षेत्र के पिपरा बुजुर्ग गांव के मिश्रौली टोले के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सुविधा के नाम पर गांव में एक विवाह भवन और बिजली की आपूर्ति की गई, लेकिन सड़क, पानी और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से गांव के लोगों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ती हैं।
करीब 50 परिवार वाले इस टोले में जाने के लिए सड़क की सुविधा नहीं है। इसकी वजह से गांव में न तो एंबुलेंस जा पाती है और न ही रसोई गैस आपूर्ति करने वाली गाड़ी। पेयजल के लिए एक वर्ष पहले पानी टंकी बनाई गई है लेकिन पानी की आपूर्ति चालू नहीं होने से गांव के लोग दूषित पानी पीने का मजबूर हैं। जलनिकासी के लिए नालियों की भी व्यवस्था नहीं होने से घरों से निकला गंदा पानी सड़कों पर पसरा रहता है। इससे हमेशा बदबू उठती है। इसके अलावा गांव के अधिकांश लोग आवास, पेंशन आदि की सुविधा से वंचित हैं। पत्ती देवी ने बताया कि 60 वर्ष की उम्र होने के बाद भी उन्हें पेंशन नहीं मिलती है। रामदेई आवास और पेंशन के लिए कई बार जिम्मेदारों से गुहार लगा चुके है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अयोध्या, चंद्रावती, शिवानंदन, अनिल, दिनेश, रजवंत, राधेश्याम, रामप्रवेश, शंकर, सरल, बृजलाल, दिनेश, हीरा, देवीदीन, प्रयाग आदि ने बताया कि गांव में एक वर्ष पहले शौचालय के नाम पर ठेकेदार ने टंकी बनाकर छोड़ दी। खाते में आए शौचालय निर्माण का छह हजार रुपये भी ठेकेदार ने ले लिया, लेकिन शौचालय नहीं बना, जिससे घर की महिलाओं को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है। गांव के लोगों की मानें तो गांव में आवंटित कुल 56 शौचालयों में से 22 शौचालयों का ही निर्माण कराया जा सका है। सड़कें व्यवस्थित नहीं होने से बरसात के दिनों में गांव के लोगों की सांसत बढ़ जाती है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है।
इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोतीलाल कुशवाहा ने बताया कि इस टोले पर ग्रामसभा की तरफ से शौचालय निर्माण नहीं कराया गया। ठेकेदार के जरिए शौचालय निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन उसने एक वर्ष से सिर्फ टंकी बनाकर छोड़ दी है। सीडीओ रामसूूरत पांडेय ने कहा कि मामले की जानकारी हुई है। हर योजना पात्रों तक पहुंचेगी और अधूरा शौचालय निर्माण पूर्ण कराया जाएगा। इसमें जिस भी स्तर से लापरवाही हुई है, उनकी जबाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन
पिपरा कनक। फाजिलनगर-समउर मार्ग कार्यदायी संस्था की मनमानी के चलते बदहाल हो गया। कई महीने पहले चौड़ीकरण के नाम पर सड़क तोड़कर गिट्टियां बिछा दी गईं। इसके बाद कार्य ठप हो गया, जिसके चलते आएदिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इससे नाराज लोगों ने चेताया कि यदि सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को नंदलाल विद्रोही की अगुवाई में खुर्शीद आलम, तौकीर आलम, सेराज अहमद, जुम्मन, अजय सिंह, विजय, अमीर आलम, इस्तेखार अहमद, नंदलाल गुप्ता, हैदर आदि ने अधूरे सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इन लोगों का कहना है कि फाजिलनगर-समउर मार्ग चौड़ीकरण के लिए कुछ महीने पहले सड़क की पटरियों को तोड़कर गिट्टी डाली गई। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने सड़क का निर्माण कार्य बंद कर दिया। इसकी वजह से यात्रा करने वालों को काफी परेशानियां होती हैं। सड़क पर पड़ीं गिट्टियों पर फिसलकर कई बार वाहन चालक और पैदल यात्री भी चोटिल हो जाते हैं। अक्सर घटित होने वाली इस तरफ की घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी के साथ बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। इन लोगों ने प्रशासन को चेताया कि यदि आठ जून तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो नौ जून से सड़क निर्माण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
गांव में खराब हैंडपंप का हो रहा सर्वे
पकड़ियार बाजार। भीषण गर्मी और धूप की तपन से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्यास बुझाने के लिए लोग तरह-तरह का जतन कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लगे इंडिया मार्ग हैंडपंप खराब है। ऐसे में गांव के लोगों को दूषित जल पीकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक क्षेत्र के 77 ग्राम सभाओं में स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं, लेकिन देखरेख और समय पर मरम्मत के अभाव में दो दर्जन से अधिक हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। चालू हालत वाले हैंडपंप से दूषित जल निकल रहा है। गर्मी से बेहाल गांव के लोगों को दूषित जल पीकर ही अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। ऐसे में विभाग के पास ब्लॉक क्षेत्र में कुल कितने इंडिया मार्का हैंडपंप हैं, इसकी जानकारी नहीं है। मई माह में भीषण गर्मी को देख पंचायत विभाग की तरफ से आनन-फानन गांवों में खराब पड़े हैंडपंपों का सर्वे कार्य शुरू किया जा रहा है। एडीओ पंचायत भगवंत कुशवाहा ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में खराब पड़े इंडिया मार्का हैंडपंपों का सर्वे कराया जा रहा है। करीब दो सप्ताह में रिपोर्ट आ जाएगी। उसके बाद सभी खराब हैंडपंपों को ठीक करा दिया जाएगा।