विकास कार्य के लिए लीज पर दी जाएगी मैत्रेय परियोजना की भूमि
- डीएम ने कुशीनगर पर्यटन विकास के संबंध में की बैठक, दिए जरूरी निर्देश
- कुशीनगर के बौद्ध विपश्यना उपवन में सुंदरीकरण कार्य का किया निरीक्षण, जताई नाराजगी
कसया। कुशीनगर में पर्यटन विकास को लेकर बुधवार को कसाडा कार्यालय में डीएम रमेश रंजन ने एक बैठक की। इसमें शासन की मंशा और बौद्ध भिक्षुओं के सुझाव पर चर्चा की गई। डीएम ने कहा कि वह कुशीनगर में तिब्बतियों के आध्यात्मिक गुरु विश्व शांति पुरस्कार विजेता दलाई लामा को आमंत्रित करना चाहते हैं। इसके लिए वह शासन स्तर पर वार्ता करेंगे। उन्होंने कहा कि मैत्रेय प्रोजेक्ट की खाली पड़ी भूमि को यदि कोई विकास कार्यों के लिए लीज पर लेना चाहे तो उसे उपलब्ध कराई जाएगी। डीएम ने बताया कि रामाभार स्तूप परिसर में लाइट एंड साउंड शो की अनुमति मिल गई है। शीघ्र ही यह सुविधा पर्यटकों के लिए उपलब्ध हो जाएगी।
बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि बोधगया से कुशीनगर तक सीधी बस सेवा की बात हो चुकी है। इसके अलावा बैठक में उपस्थित लोगों ने कुशीनगर को रेल सेवा और श्रीलंका, थाईलैंड व म्यामांर से वायु सेवा से जोड़ने की मांग रखी। कुशीनगर में स्वागत गेट, पावानगर की चुंद स्थली मार्ग का चौड़ीकरण कराने, महापरिनिर्वाण मंदिर को पूर्व की भांति भोर के चार बजे से रात आठ बजे तक खोले जाने की मांग की गई। बैठक में एबी ज्ञानेश्वर, भंते महेंद्र, वीरेंद्र नाथ त्रिपाठी, लामा कोचक, टीके राय आदि ने भी अपने सुझाव रखे। इस दौरान एडीएम न्यायिक उपमा पांडेय, एसडीएम कल्पना जायसवाल, तहसीलदार मान्धाता प्रताप सिंह, ईओ प्रेमशंकर गुप्त, भंते नन्द रतन, भंते जेवना, थाई भंते, भंते तेजवंत, भिक्षुणी धम्म नयना, अंबिकेश त्रिपाठी और विवेक आदि मौजूद रहे।
कार्य की धीमी गति पर नाराज हुए डीएम
कसया। डीएम रमेश रंजन ने बुधवार को कुशीनगर में वर्ल्ड बैंक सहायतित प्रो-पुअर टूरिज्म डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट के तहत बौद्ध विपश्यना उपवन में चल रहे विकास कार्य का निरीक्षण किया। कार्य की धीमी गति देखकर डीएम ने नाराजगी जताते हुए लापरवाहों के खिलाफ जांच का निर्देश दिया। कुशीनगर में लगभग 16 करोड़ की लागत से प्रो. पुअर टुरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं। इसमें बौद्ध विपश्यना केंद्र के जीर्णोद्धार के लिए करीब चार करोड़ आवंटित है, जिसमें बाउंड्रीवाल, पाथवे, तालाबों का सुंदरीकरण, विपश्यना के लिए आठ चबूतरों का सुंदरीकरण आदि कार्य प्रस्तावित है। यह कार्य दिसंबर तक पूर्ण होना है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने वहां मौजूद लोगों से जानकारी ली।डीएम के निर्देश पर एडीएम (न्यायिक) उपमा पांडेय, एसडीएम कसया कल्पना जायसवाल और अधिशासी अभियंता मृत्युंजय कुमार ने जांच शुरू कर दी है। एडीएम उपमा पांडेय ने बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। इस दौरान ईओ प्रेमशंकर गुप्त, तहसीलदार मान्धाता प्रताप सिंह, पर्यटक सूचना अधिकारी डॉ. प्राण रंजन, कानूनगो ब्रजेश मणि त्रिपाठी, नीलेश रंजन राव, प्रोजेक्ट मैनेजर बीएन तिवारी आदि मौजूद थे।