वर्षों से लंबित मैत्रेय परियोजना का निर्माण शुरू करने के लिए बृहस्पतिवार को कुशीनगर में भूमि पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ही बौद्ध धर्म के अनुयायियों ने थाई और तिब्बती रीति से पूजा की। इस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट मैनेजर समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
भूमि पूजन के बाद मैत्रेय परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर भंते कबीर सक्सेना ने कहा कि इसे वजूद में लाने का मकसद लोगों को सुख पहुंचाना है। इसके लिए मेडिटेशन केंद्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित कई क्षेत्रों के बारे में जानकारी मुहैया कराने के लिए व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने प्रोजेक्ट को पूरा कराने में लोगों से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कुशीनगर का नाम विश्व पटल पर होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा ने कहा कि परियोजना के विकसित होने पर यहां का पूरा वातावरण ही बदल जाएगा। कुशीनगर को अंतर्राष्ट्रीय स्थल के रूप में और ख्याति दिलाने में यह प्रोजेक्ट मददगार साबित होगा।
एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल ने परियोजना के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा कि वास्तव में इससे कुशीनगर के विकास को गति मिलेगी। वहीं विश्व के बौद्ध धर्मानुयायियों के लिए पूजनीय और दर्शनीय स्थल होगा। इसके अलावा थाई मंदिर के पी खोमसान सहित अधिक संख्या में भंते, बौद्ध भिक्षु, प्रोजेक्ट मैनेजर अवधेश श्रीवास्तव और अन्य लोग मौजूद थे। इनसेट
मैत्रेय परियोजना के लीगल एडवाइजर अतुल वीर चोपड़ा ने बताया कि भूमि पूजन स्थल पर महात्मा बुद्ध की 250 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी। परियोजना के डेमो के लिए भूमि पूजन स्थल पर व्यवस्था भी होगी। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह बाद एक होम्योपैथिक मोबाइल क्लिनिक परियोजना के तहत सेवा देना शुरू करेगी। परियोजना में बुद्ध की प्रतिमा की ऊंचाई 250 फुट से घटकर 200 बनाने की भी बात कही।