पडरौना। इस साल महाशिवरात्रि पर शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में रहेंगे, जिससे मालव्य राजयोग बनेगा। महाशिवरात्रि का त्योहार और महाकुंभका शुभ संयोग बन रहा है। इसमें स्नान-दान और भगवान शिव की आराधना का विशेष फल मिलने के साथ श्रद्धालुओं के पापों का नाश भी होगा। विवाह के नक्षत्रों के अनुकूल नहीं होने के कारण इस दिन मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे।
विजयपुर दक्षिण पट्टी निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित मदन मोहन मिश्र ने बताया कि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। व्रत रखने वाले लोगों को भगवान शिव-पार्वती की आराधना करने से विशेष कृपा मिलती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने के साथ भगवान शिव को आक के पुष्प, बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही, घी, गंगा जल अर्पण करने से श्रद्धालुओं का भाग्योदय होता है। शिव विवाह का आयोजन भी इस दिन धूमधाम से होगा। महाशिवरात्रि के दिन शिव चालीसा पाठ, रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन से भी भगवान की कृपा बरसती है। इस दिन माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पण करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना के लिए माता को श्रृंगार का सामान चढ़ाती हैं।
0000000
भव्य स्वरूप से सजने लगा बाबा बालेश्वर नाथ का दरबार
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शहर के लम्हुआ स्थित शिवमंदिर और कुबरेस्थान स्थित प्राचीन कुबेरनाथ का दरबार सजने लगा है। रंगाई-पोताई के साथ ही रंग बिरंगी झालरों से बाबा के दरबार को सजाया जा रहा है। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा का दर्शन करते हैं। इसके अलावा शहर में निकलने वाले बरात को लेकर तैयारी तेज हो गई है। बाबा की बरात में शहर सहित अन्य जगह के लोग देखने के लिए आते हैं।