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मदरसा ध्वस्तीकरण मामला : कमिश्नर कोर्ट का फैसला सुरक्षित, प्रबंधतंत्र की अटकी सांसें

Mon, 23 Mar 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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संतकबीरनगर। शहर के मोतीनगर स्थित पाकिस्तानी कनेक्शन व विदेशी फंडिंग के आरोपी ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मदरसा ध्वस्तीकरण मामले में कमिश्नर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। इसे लेकर प्रबंधतंत्र की सांसें अटकी हुई हैं। नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर खलीलाबाद (एसडीएम कोर्ट) के ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ मदरसा प्रबंधतंत्र ने डीएम कोर्ट में अपील की थी। डीएम कोर्ट से ध्वस्तीकरण का फैसला बरकरार रखने के आदेश के बाद मदरसा प्रबंधन ने कमिश्नर कोर्ट में निगरानी याचिका 11 मार्च को दाखिल की थी।
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कमिश्नर कोर्ट में इस पर 18 मार्च को सुनवाई होनी थी। किसी कारण वश 18 मार्च को सुनवाई नहीं होने के बाद 19 को आयुक्त कोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही कमिश्नर कोर्ट का भी फैसला आ जाएगा। इसके बाद मदरसा ध्वस्तीकरण मामले की स्थिति साफ हो जाएगी।
बता दें कि, मदरसा सील होने के बाद आरबीओ एक्ट के तहत ध्वस्त करने का नोटिस प्रबंध तंत्र को एसडीएम कोर्ट से 3 नवंबर 2025 को नोटिस दिया गया था। इसके बाद मामले को लेकर प्रबंधतंत्र हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट में डबल बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद स्थानीय प्राधिकारी के यहां जाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के बाद प्रबंधतंत्र मामले में एसडीएम कोर्ट पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद नोटिस को सही ठहराते हुए 13 जनवरी को 15 दिन के भीतर मदरसा ध्वस्त करने का नोटिस मदरसे पर चस्पा किया गया। एसडीएम कोर्ट के खिलाफ मदरसा प्रबंध तंत्र ने 22 जनवरी को डीएम कोर्ट में अपील करने के साथ ही स्थगन आदेश के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। साथ ही एक बार फिर से हाईकोर्ट की शरण ली।
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हाईकोर्ट ने एक बार फिर डीएम को तय समय सीमा के अंदर मामले में सुनवाई पूरी करने के लिए अधिकृत किया। डीएम कोर्ट ने सुनवाई के बाद 22 जनवरी को स्थगन प्रार्थनापत्र निस्तारित करने के कुछ दिन बाद अपील भी खारिज कर दी। इसके बाद प्रबंध तंत्र ने 11 मार्च को आयुक्त बस्ती मंडल कोर्ट में निगरानी दाखिल की। जानकारों की मानें तो वहां पर भी 18 के बजाय 19 को सुनवाई के बाद आदेश को सुरक्षित रख लिया गया है। जानकार इसी हफ्ते मामले में आदेश आने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। इसके बाद मदरसा ध्वस्त करने की प्रकिया आगे बढ़ सकेगी।
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