हाटा। मदनी मस्जिद के निर्माण की शिकायत करने वाले रामवचन सिंह ने प्रकरण में प्रशासन की धीमी जांच और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन अभी केवल मस्जिद की जमीन, नक्शा समेत अन्य अभिलेखों की जांच में उलझा हुआ है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट में सरकारी जमीन पर मस्जिद पक्ष के लोगों के अतिक्रमण करने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। उसे जिला प्रशासन सार्वजनिक भी कर चुका है, लेकिन नगर पालिका की ओर से नक्शे और मस्जिद के निर्माण से जुड़ी जांच का अभी तक कुछ भी पता नहीं चल सका है। मस्जिद के निर्माण में लगे धन की जांच अभी तक प्रशासन ने शुरू भी नहीं की है।
करीब दो दशक से अधिक समय से हाटा नगर में मदनी मस्जिद का निर्माण नगर पालिका कार्यालय के ठीक पीछे हो रहा है। यहां पर हाटा थाना के नाम करीब 21 डिस्मिल जमीन है। इसके अलावा आबादी की जमीन मस्जिद के पास है। करोड़ों रुपये खर्च कर कराए गए मस्जिद का निर्माण अभी भी अधूरा है। जमीन को लेकर विवाद होने पर इस मामले में मुकदमा हुआ। जहां से स्थगन आदेश पास हुआ। बावजूद मस्जिद का निर्माण नहीं रुका, नगर पालिका और तहसील प्रशासन के जिम्मेदारों के गैर जिम्मेदाराना रवैये से नगर पालिका के ठीक पीछे नगर पालिका और सरकारी जमीन के कुछ हिस्से पर कब्जा कर मस्जिद का निर्माण होता रहा। इसकी शिकायत तहसील प्रशासन के पास कई बार पहुंची, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। सीएम से शिकायत होने के बाद प्रशासन ने इस मामले में कुछ तेजी दिखाई। जांच होते एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन इस मामले में किस नतीजे तक पहुंचा है, यह जानकारी शिकायतकर्ता को भी नहीं मिल रही है।
शिकायत करने वाले रामवचन सिंह ने कहा कि कुछ लोगों की निजी जमीन पर मस्जिद बनाने के लिए धन कहां से आया इसकी जांच प्रशासन कब करेगा। उनका कहना है कि एक बार वह फिर सीएम से मिलकर मामले की जानकारी देते हुए इस प्रकरण की जांच जल्द से जल्द पूरा करने का निवेदन करेंगे। तहसील प्रशासन इस मामले में किसी तरह की जानकारी देने से परहेज कर रहा है। सीएम तक शिकायत के बाद जांच में एडीएम प्रशासन वैभव मिश्रा मदनी मस्जिद से लेकर तहसील कार्यालय में जमे रहे। इन दिनों इस मामले में कुछ कहने से परहेज कर रहे हैं, जबकि एसडीएम योगेश्वर सिंह की भी चुप्पी नहीं टूट रही है।