हाटा। मदनी मस्जिद के अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई के बाद पुलिस कस्बे में सक्रिय नजर आई। सादे लिबास में पुलिसकर्मी चाय की दुकानों और मोहल्लों में सक्रिय नजर आए। वहीं मस्जिद के पास आने-जाने वालों की भीड़ लगी रही। कस्बे में होने वाली एक-एक गतिविधियों पर पुलिस की नजर रही। क्षतिग्रस्त मस्जिद को युवक अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए। मस्जिद पक्षकारों ने दूसरे दिन प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़ा करते हुए गलत बताया।
हाटा नगर के करमहा चौराहे पर दो दशक से आलिशान मदनी मस्जिद का निर्माण नक्शा से बढ़कर सरकारी जमीन में चल रहा था। सीएम तक शिकायत पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने जांच की तो शिकायत सही मिली और रविवार को नगर पालिका ने पुलिस व प्रशासन की मदद से अवैध निर्माण वाली हिस्से का निर्माण बुलडोजर की मदद से ध्वस्त करा दिया। मदनी मस्जिद पर बुलडोजर चलने के बाद मस्जिद पक्षकारों में आक्रोश है और इसके प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं।
रविवार को देर शाम तक मदनी मस्जिद पर कार्रवाई चली। लेकिन मामला दूसरे धर्म से जुड़े होने के कारण पुलिस व प्रशासन अलर्ट रही। सूत्रों की मानें तो पूरी रात कस्बे में पुलिस अलर्ट रही। सुबह हाटा कस्बे के चौक चौराहों पर चाय व पान की दुकानों के अलावा व्यस्ततम इलाके में सोमवार को सुबह बिना वर्दी में नजर आए। सुबह से मस्जिद के आसपास लोगों का जमावड़ा लगा रहा। युवक अपने मोबाइल ध्वस्त मस्जिद को कैद करते नजर आए। कार्रवाई के दौरान मस्जिद के तरफ लोगों के आने से पुलिस ने रोक दिया था। मुस्लिम पक्ष के लोग मस्जिद को ध्वस्त देख मर्माहत दिखे। मस्जिद के अंदर भी लोग पहुंचकर देखे और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को गलत बताया।