हाटा। करीब दो दशक से अधिक समय से हाटा नगर में मदनी मस्जिद का निर्माण नगर पालिका कार्यालय के ठीक पीछे कराया जा रहा था। यहां पर हाटा थाना के नाम करीब 21 डिस्मिल जमीन है। इसके अलावा नगर पालिका की सरकारी जमीन मस्जिद के पास है।
स्टे के बावजूद करोड़ों रुपये खर्च कर बनवाई जा रही मस्जिद का निर्माण अभी भी अधूरा है। जमीन को लेकर विवाद होने पर इस मामले में कोर्ट में लंबित है। नगर पालिका और तहसील प्रशासन के जिम्मेदारों के गैर जिम्मेदाराना रवैये से नगर पालिका के ठीक पीछे नगर पालिका और सरकारी जमीन के कुछ हिस्से पर कब्जा कर मस्जिद का निर्माण हो गया। सूत्रों की मानें तो पुलिस की कार्रवाई के बाद होने वाली विवेचना में भी नगर पालिका की ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा है। यह बातें नगर पालिका प्रशासन से मिलीभगत की ओर इशारा कर रही हैं।
सीएम तक मामला पहुंचने के एशिया की तर्ज पर नगर पालिका कार्यालय के पीछे बन रही मदनी मस्जिद निर्माण पर तो रोक लग गई है। पुलिस विभाग और नगर पालिका की भी जमीन कब्जे में है। पुलिस ने मस्जिद पक्ष के लोगों पर जमीन कब्जा करने के मामले में केस तो दर्ज करा दिया है, लेकिन नगर पालिका और तहसील प्रशासन के जिम्मेदार कार्रवाई तो दूर कुछ बताने से भी परहेज कर रहे हैं। राजस्व विभाग की रिपोर्ट में सरकारी जमीन पर बढ़ कर मस्जिद का निर्माण होने की बात सामने आई। जिसके बाद पुलिस विभाग की ओर से मस्जिद कमेटी के लोगों पर केस दर्ज करा दिया गया, लेकिन नगर पालिका की जमीन होने के बाद भी नगर पालिका की ओर से कोई अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा माना जा रहा है कि नगर पालिका कार्रवाई करने से कतरा रही है। मस्जिद कमेटी को दिए गए नोटिस में नगर पालिका ने नोटिस का जवाब नहीं देने और पत्रावली दुरुस्त नहीं होने पर नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 185, 186 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी, लेकिन वह चेतावनी केवल कागजों तक ही सीमित रह गई। नगर पालिका प्रशासन इस मामले में क्या कर रहा है, इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को भी नहीं मिल रही है। शिकायत करने वाले रामवचन सिंह ने मस्जिद बनाने के लिए लगे धन की जांच कराने की भी मांग की है।