पडरौना।
चुनाव ड्यूटी और साप्ताहिक अवकाश के चलते तीन दिन तक बंद रहने के बाद सोमवार को जब बैंक खुले तो रुपयों के लिए परेशान लोगों की लाइन लग गई। सुबह 11 बजे ही बैंकों में घुसने की जगह नहीं थी। इक्का-दुक्का एटीएम खुले तो वहां भी लंबी कतार लग गई।
चार मार्च को हुए मतदान में बैंक कर्मियों की भी ड्यूटी लगी थी। शुक्रवार को पोलिंग पार्टियों की रवानगी के चलते बैंक बंद रहे और शनिवार को मतदान के लिए अवकाश था। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण बैंक बंद थे। नोटबंदी के बाद से ही पडरौना नगर समेत जिले भर के अधिकांश एटीएम भी अब तक बंद चल रहे हैं। इसकी वजह से लोगों को रुपयों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोगों को रुपयों के लिए बैंक शाखा में ही लाइन लगानी पड़ रही है। तीन दिन तक बैंकों में अवकाश के चलते लोगों को यहां से भी रुपये नहीं मिले। रुपयों के लिए परेशान लोग सोमवार को बैंक खुलने का इंतजार कर रहे थे।
सुबह 10 बजे जैसे ही शाखाएं खुलीं, लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पडरौना नगर के स्टेट बैंक, पीएनबी, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक समेत सभी बैंक शाखाओं में दिन भर ग्राहकों की कतार लगी रही। यही हाल एटीएम का भी था। एचडीएफसी, स्टेट बैंक और एक्सिस बैंक के एटीएम पर सुबह से लेकर देर शाम तक ग्राहकों की कतार लगी रही। मटिहनियां निवासी विमलेश कुमार का कहना है कि घर में निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके लिए रुपयों की जरूरत है। सुबह नौ बजे से ही एटीएम की लाइन में लगे थे। दोपहर बाद नंबर आया तब जाकर रुपये मिले। शिवपुर निवासी रिंकू जायसवाल के घर शादी है। सामान खरीदने के लिए रुपयों की जरूरत थी, लेकिन एटीएम की कतार इतनी लंबी थी कि रुपये नहीं मिल पाए। मठिया निवासी किसान जावेद का कहना है कि गन्ने का रुपया खाते में आया है, लेकिन एटीएम और बैंक में भीड़ के चलते रुपये नहीं मिल पाए। सांढ़ी गांव के रामअशीष मल्ल भी चार घंटे की मेहनत के बाद दो हजार रुपये ही निकाल पाए थे।