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सीडीपीओ कार्यालय में ताला बंद किया

Wed, 28 Sep 2016 11:05 PM IST
kushinagar
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धरना - फोटो : santosh verma
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पडरौना। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सोहरौना स्थित पडरौना सीडीपीओ कार्यालय पर ताला बंद कर प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि जब तक सरकार मांगें पूरी नहीं करती, आंदोलन चलता रहेगा। 
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राज्य कर्मचारी बनाए जाने, मुख्य सेविकाओं के रिक्त पदों पर वरीयता समेत कई मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं आंदोलन कर रही हैं। बुधवार को सीडीपीओ कार्यालय पहुंची कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने ताला बंद कर प्रदर्शन किया। संगठन की जिलाध्यक्ष कौशिल्या सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेेेेश सरकार जब तक सभी मांगों पर कार्रवाई नहीं करतीं, आंदोलन चलता रहेगा। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष प्रभावती शर्मा, रमावती सिंह, सुशीला देवी, सुनीता यादव, निर्मला देवी, विमला देवी आदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद रहीं।

कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की निंदा
तमकुहीरोड। विधानसभा का घेराव करने जा रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज की सेवरही की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने निंदा की है। महिलाओं ने दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की है। ब्लॉक अध्यक्ष नीलम पांडेय ने कहा कि सरकार पुलिस की लाठी के बल पर आंदोलन को दबाना चाहती है। महिलाएं अपने हक के लिए लड़ती रहेंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजू मिश्रा, सविता देवी, लक्ष्मी प्रजापति, साधना मिश्रा, निक्की राय, उमापति कुशवाहा, मीरा गुप्ता, गीता यादव, सुनीता चौधरी, कुसुमलता पांडेय, रचना श्रीवास्तव, ममता देवी आदि ने भी लाठीचार्ज की निंदा की है। 
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आशा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया 
पडरौना । मानदेय बढ़ाने और राज्य कर्मचारी घोषित करने समेत छह सूत्री मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। महिलाओं ने प्रदेश सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इनका कहना था कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, वे लोग कार्य पर नहीं लौटेंगी।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सकीला ने कहा कि मुख्यमंत्री से 19 सितंबर को मिलकर ज्ञापन सौंपा गया था। परंतु सरकार ने अब तक संगठन की मांग पर कोई विचार नहीं किया। आशा कार्यकर्ता पल्स पोलियो अभियान, टीकाकरण, प्रसव समेत सभी महत्वपूर्ण कार्यों का बहिष्कार जारी रखेंगी। सिरजावती मिश्रा ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय मनरेगा में मजदूरी करने वालों से भी कम है, जबकि कार्य 24 घंटे लिया जाता है। इस दौरान किरन तिवारी, माधुरी, केवली, मालती देवी, सुनैना देवी, सावित्री, रंजिता, पिंकी सहित तमाम महिलाएं मौजूद थीं।
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