बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर जलाए दीप
भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति व निर्वाण बुद्ध पूर्णिमा को हुआ था
कसया(कुशीनगर)। संस्कार भारती की कुशीनगर इकाई ने रविवार को बुद्धा घाट पर त्रिविध पावनी 2,566वीं बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर धम्म दीपदान उत्सव का आयोजन किया। इसमें 2,566 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इस दौरान शेषनाग पर बैठे भगवान बुद्ध की प्रतिमा की विशेष पूजा अर्चना कर हिरण्यावती नदी की आरती की गई।
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि बौद्ध धर्म सनातन धर्म का अभिन्न अंग है। महात्मा बुद्ध की जयंती बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) को मनाई जाती है। यह तिथि बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए खास है। भगवान बुद्ध को सनातन धर्म में भगवान विष्णु का नौंवा अवतार माना जाता है।
विशिष्ट अतिथि बिरला धर्मशाला के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा त्रिविध पावनी है। इसलिए इस तिथि को बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति व महापरिनिर्वाण हुआ था। इसके अलावा पूर्व जिला जज संतोष श्रीवास्तव, डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए।
अध्यक्षता डॉ. अनिल कुमार सिन्हा व संचालन सह मंत्री राजू मद्धेशिया ने किया। अंत में मंत्री अशोक कुमार ने आगंतुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
इस मौके पर डॉ. अंबरीष विश्वकर्मा, सुनंदा शर्मा, अर्चना श्रीवास्तव, वंदना मद्धेशिया, किरन जायसवाल, दिनेश तिवारी, जिला संघचालक डॉ. चंद्रशेखर सिंह, सुरेश प्रसाद गुप्त, त्रिभुवन तिवारी, अशोक जैन, महादेव गुप्ता, अरुण कुमार राय, वीरेश राय, उमेश गुप्त आदि मौजूद रहे।