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पूर्व डीजीसी समेत पांच की हत्या में उम्रकैद

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20 अगस्त 2012 को पूर्व डीजीसी समेत पांच लोगों की हत्या के बाद दहल उठा था पडरौना शहर (फाइल फोटो) - फोटो : KUSHINAGAR
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पूर्व डीजीसी समेत पांच की हत्या में उम्रकैद
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आरोपी ने बीच-बचाव में आई अपनी पत्नी और बेटी को भी मार डाला था
सात साल पहले जमीन के विवाद में हुई थी घटना, तभी से जेल में था आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना (कुशीनगर)। पूर्व डीजीसी, उनके अधिवक्ता बेटे और बेटी समेत पांच लोगों की 20 अगस्त 2012 को हुई हत्या में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण की कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। हत्यारोपी ने धारदार हथियार से जिन पांच लोगों की हत्या की थी, उनमें उसकी पत्नी और बेटी भी शामिल थी।
सहायक अभियोजन अधिकारी सुधीर स्वरूप के मुताबिक इंदिरा नगर निवासी पूर्व डीजीसी बेचन प्रसाद गोंड का पड़ोसी भोला पटेल से जमीन का विवाद था। इसी को लेकर भोला पटेल के पुत्र आनंद पटेल ने घर में घुसकर बेचन प्रसाद, उनके बड़े बेटे एडवोकेट विजय कुमारू, पुत्री पूनम की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पूर्व डीजीसी की पत्नी को घायल कर दिया था। यही नहीं, बीच-बचाव में आई अपनी पत्नी प्रमिला और पुत्री अंजली को भी उसने मार दिया था। कोतवाली पुलिस ने पूर्व डीजीसी के छोटे पुत्र संजय की तहरीर पर आनंद पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अविनाश चंद्र त्रिपाठी ने 10 गवाहों को सुनने और साक्ष्यों को देखने के बाद आनंद पटेल को दोषी पाया। सहायक अभियोजन अधिकारी ने बताया कि हत्या के प्रयास में आजीवन कारावास व 25 हजार अर्थदंड, धारदार हथियार से चोट पहुंचाने के आरोप में तीन वर्ष का कारावास व पांच हजार अर्थदंड तथा घर में घुसकर हमला करने पर पांच वर्ष के कारावास एवं पांच हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ चलेंगी।
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