संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के मामले में दोषी पाए जाने पर रुदल साहनी को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही आपराधिक षडयंत्र कर नाबालिग लड़की का अपहरण करने व सहयोग करने में दोषी पाए जाने पर महिला रीमा को दो वर्ष का सश्रम कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।
थाना धनघटा अंतर्गत एक गांव की रहने वाली पीड़िता की मां ने 19 नवंबर 2018 को एसपी को प्रार्थना पत्र दिया कि उसके पति रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं। वह सब्जी खरीदने बाजार गई थी। मौका पाकर नौ नवंबर 2018 को दिन में 3:00 बजे मुजफ्फरपुर का रहने वाला आरोपी उसकी 15 वर्षीय पुत्री को बहला फुसलाकर भाग ले गया। लड़की को भगाने में एक महिला का भी सहयोग रहा है।
इस मामले में थाना धनघटा में रिपार्ट दर्ज हुई। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत में आरोपियों ने आरोप से इन्कार किया और विचारण की मांग की। अभियोजन पक्ष ने वादिनी मुकदमा, पीड़िता सहित सात गवाहों की गवाही कराई। अदालत ने पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य गवाहों की गवाही से मामले में आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर बिहार के जनपद मुजफ्फरपुर थाना हाथौरी के ग्राम डीहजीवर निवासी रुदल साहनी को आजीवन कारावास व 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
आपराधिक षडयंत्र व नाबालिग लड़की के अपहरण में सहयोग करने वाली थाना धनघटा के पौली निवासी रीमा को दो वर्ष सश्रम कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।