लखनऊ से लौटने के बाद लेखपाल बृहस्पतिवार को पुन: धरना पर बैठ गए। कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दे रहे लेखपालों की मांगे पूर्ववत रहीं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष संजीवन कुमार मिश्रा और जिला मंत्री निलेश रंजन राव की अगुवाई में धरना दे रहे लेखपालों की मांग थी कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगतियां दूर की जाएं, लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उप निरीक्षक एवं शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, लेखपाल संवर्ग का कॉडर पूर्ववत जनपदस्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन करने, पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक क्षेत्र एवं राजस्व निरीक्षक कार्यालय के 626 पदों का सृजन करते हुए राजस्व निरीक्षक प्रोन्नति एवं नायब तहसीलदार प्रोन्नति के लिए राजस्व परिषद के प्रस्ताव के अनुसार नियमावली में संशोधन करने, ई-डिस्ट्रिक्ट, आईजीआरएस आदि शासन की विभिन्न योजनाओं के सुचारु रूप से क्रियांवयन के लिए लेखपालों को लैपटॉप तत्काल उपलब्ध कराने और एक अप्रैल 2005 से पूर्व चयनित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ देने तथा एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों को नई पेंशन योजना में सुधार करते हुए आकस्मिक निकासी और सेवानिवृत्ति या मृत्यु पर सुनिश्चित पेंशन की सुविधा दी जाए।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि छह सितंबर तक सभी लेखपाल कार्य बहिष्कार कर जनपद मुख्यालय पर प्रात: दस से शाम चार बजे तक धरना प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को देंगे। धरना में कई अन्य लेखपाल भी शामिल थे।