पडरौना। वर्षों से लंबित मांगों पर सुनवाई नहीं होने से लेखपाल संवर्ग का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर आठ प्रमुख मांगों पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर के लेखपाल 17 अक्तूबर से चरणबद्ध तरीके से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे। इससे राजस्व और जनहित से जुड़े कार्य प्रभावित होने की जिम्मेदारी शासन और राजस्व परिषद की होगी।
संघ तहसील अध्यक्ष रामदर्शन शर्मा ने कहा कि लेखपालों पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है। वरासत, नामांतरण, पैमाइश, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों की जांच, आईजीआरएस, आपदा प्रबंधन, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी लेखपालों पर है। इसके बावजूद वर्षों पुरानी मांगों का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। दोपहर करीब दो सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा, जिसमें संघ ने प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 यानी 2800 ग्रेड पे करने और वेतन विसंगति दूर करने, वर्ष 2019 के बाद अंतरमंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया दोबारा शुरू करने, चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने, स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने आदि मांगों को पूरा करने की मांग की।
इस दौरान पूर्व जिला मंत्री श्री योगेंद्र गुप्ता, विपिन मणि त्रिपाठी, विनोद सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, तुफैल अहमद, कोमल प्रजापति, गजेंद्र सिंह, संतोष गुप्ता, संदीप सिंह, मनीष पांडेय, नीतू सिंह, अकरम अली, अरविंद रावत, रंजीत जासवाल, किशन लाल, राजकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
कप्तनगंज संवाद के अनुसार उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने वर्षों से लंबित एवं न्यायोचित मांगों पर शासन एवं राजस्व परिषद की उदासीनता पर गहरा रोष जताते हुए शनिवार को तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। लेखापालों ने चेताया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो आगे और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। दोपहर करीब दो बजे लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर 2800 ग्रेड पे (लेवल-5) एवं वेतन विसंगति दूर करने, अंतरमंडलीय स्थानांतरण, लंबित डीपीसी/पदोन्नति सूची जारी करने, 2024 बैच के परीक्षा परिणाम एवं स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरा करना आदि मांगों को पूरा करने की मांग की। इस दौरान तहसील अध्यक्ष सुबोध गौतम, मंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह, विचित्र मणि त्रिपाठी, आशुतोष कुमार, सुरेंद्र प्रजापति, संगम प्रसाद, हीरा लाल, रंजू यादव, अनामिका मिश्रा, उमेश शाही आदि मौजूद रहे।