पडरौना। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद (बोर्ड ऑफ रेवेन्यू) के निर्देशों के क्रम में जनपद में आधुनिक रोवर तकनीक के माध्यम से भूमि पैमाइश कार्यों को अधिक सटीक, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग किए जाने को लेकर मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डीएम के निर्देशन में यह टीम काम करेगी।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा गया कि रोवर तकनीक के प्रभावी बनाने के लिए जिले में प्रशिक्षित राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम गठित की जाएगी। इस टीम में एक नायब तहसीलदार, एक राजस्व निरीक्षक (आरआई) तथा दो लेखपाल शामिल होंगे, जिन्हें इस तकनीक का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त है। यह विशेष टीम जिले के विभिन्न गांवों में जाकर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-24 के अंतर्गत होने वाले भूमि पैमाइश संबंधी प्रकरणों का निस्तारण करेगी। रोवर तकनीक के उपयोग से पैमाइश कार्य अधिक वैज्ञानिक एवं त्रुटिरहित होगा, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना न्यूनतम रहेगी तथा भूमि विवादों के त्वरित समाधान में सहायता मिलेगी। आधुनिक तकनीक के समावेशन से राजस्व कार्यों में गति आएगी और ग्रामीणों को भूमि पैमाइश के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा से राहत मिलेगी। गठित विशेष टीम शीघ्र ही आवंटित गांवों में पहुंचकर पैमाइश कार्य प्रारंभ करेगी।