पडरौना। बिहार के बेतिया एस्टेट की मथौली कस्बे के अलावा कप्तानगंज और हाटा तहसील में कई स्थानों पर जमीन है। हालांकि, ज्यादातर जगहों पर मकान और धार्मिक स्थल बन चुके हैं। मथौली नगर पंचायत में कई एकड़ जमीन खाली है। बिहार सरकार के निर्देश पर उपसचिव राजस्व ने तीन माह पूर्व कप्तानगंज और हाटा तहसील प्रशासन के साथ बेतिया एस्टेट की जमीन चिह्नित की थी। यूपी सरकार के सहयोग से बिहार सरकार ने बेतिया एस्टेट की जमीन से कब्जा हटवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हाटा और कप्तानगंज तहसील क्षेत्र की हाटा नगर पालिका, मथौली नगर पंचायत और कप्तानगंज नगर पंचायत के अलावा कई गांवों में बेतिया एस्टेट की जमीन है। बीते एक सितंबर को बिहार के उप सचिव राजस्व संजीव कुमार ने हाटा और कप्तानगंज तहसील प्रशासन के साथ मधौली नगर पंचायत के माता चेड़ा देवी मंदिर, कचहरी और अहिरौली गांव में बेतिया एस्टेट की जमीन का निरीक्षण कर अभिलेख और नक्शा लिया था।
मथौली नगर पंचायत में बेतिया एस्टेट की 5.15 एकड़ जमीन है इसमें 74 डिस्मिल में चेड़ा देवी का मंदिर बना है। कप्तानगंज के गंभीरपुर, साखोपार, मोहन मुंडेरा, डोमबरवा और पेमली में कुल 8.4660 एकड़ जमीन है। इसके अलावा हाटा नगर पालिका के अहिरौली में जमीन है। अधिकांश जमीन लोगों के कब्जे में है और वे खेती कर रहे हैं। इसके अलावा बेतिया एस्टेट की भूमि पर एक हजार से अधिक लोगों ने मकान निर्माण करा रखा है। बिहार सरकार के इस निर्णय के बाद बेतिया एस्टेट की जमीन पर निर्माण कराने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। एडीएम प्रशासन वैभव मिश्रा ने बताया कि बेतिया एस्टेट की जो भी जमीन निकलेगी, उसे बिहार सरकार को उपलब्ध करा दिया जाएगा।