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कृषि विवि : शासन में लटका भूमि का मामला

Sat, 27 Sep 2025 09:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। कुशीनगर में निर्माणाधीन महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निर्माण से जुड़ा जमीन हस्तांतरण और किसानों की भूमि विनिमय का मामला अब भी शासन स्तर पर लटका है।
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जिला प्रशासन इसके लिए पत्राचार कर रहा है, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है। इसका समाधान नहीं हुआ तो आगे चलकर पेच फंस सकता है। कृषि विश्वविद्यालय के निर्माण में फंसे पेच को दूर करने के लिए जुलाई महीने में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के प्रमुख सचिव रवींद्र कुमार ने नोडल अधिकारी व आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह व डीएम महेंद्र सिंह तंवर की मौजूदगी में निर्माणाधीन स्थल पर ही कार्यदायी संस्था के साथ बैठक किया था।
उन्होंने सभी मामलों को जल्द निस्तारण कराए जाने की बात कही थी, लेकिन बैठक के दो महीने पूरे होने जा रहे हैं, स्थिति जस की तस बनी हुई है। वर्तमान में 145.82 एकड़ भूमि में निर्माणाधीन महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की अपनी जमीन नहीं है। यह जमीन मौजूदा समय में संस्कृति विभाग की है।
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अभी तक विवि का कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) से मानचित्र तक स्वीकृत नहीं हो पाया है। जिला प्रशासन ने शासन में रिपोर्ट भेजी है, जो लंबित है। जुलाई महीने में दिशा की बैठक में सांसद विजय कुमार दूबे व विधायक पीएन पाठक ने शासन में पहल करने के लिए आश्वासन दिया था। जमीन हस्तांतरण नहीं होने से कृषि विवि के निर्माण पर ग्रहण लग सकता है। प्रमुख सचिव रवींद्र कुमार ने जल्द ही सुलझाने की बात कही थी।
वहीं, मानचित्र स्वीकृति के लिए विवि के नाम से जमीन का होना व उसके भू-उपयोग का परिवर्तन किया जाना जरूरी है। 6 फरवरी 2025 को कसाडा बोर्ड की हुई बैठक में कमिश्नर अनिल ढींगरा की मौजूदगी में भूमि हस्तांतरण व भू उपयोग परिवर्तन का मामला पटल पर उठाया गया था। समय रहते इसका निस्तारण नहीं हुआ तो आगे चलकर 145.82 एकड़ में बन रहे कृषि विवि के निर्माण में अड़चन सामने आ सकती है।
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