कुशीनगर। युवाओं की ओर से भौकाल के लिए तैयार किया गया गैंग व ग्रुप जिले में लंबे समय से सक्रिय है। पहले रफ्तार और महाकाल गैंग से युवा धौंस जमाते थे, लेकिन जब पुलिस सख्त हुई तो दबंगई के लिए युवाओं ने 71-71 नाम से लाला गैंग तैयार किया। इस गैंग के युवा न केवल दबंगई बल्कि छिनैती, लूट, अपरहण, धमकी, मारपीट आदि वारदातों में अक्सर संलिप्त देखे जाते रहे है, लेकिन इनके दबंगई के डर से कोई पुलिस से शिकायत करने को तैयार नहीं था। इस गैंग से जुड़े युवाओं के हाथ स्पोर्ट्स बाइक, दमदार बुलेट में मॉडिफाइड साइलेंसर और नंबर प्लेट पर लाला, रंगदार और अन्य नाम से यह क्षेत्र में धौंस जमाते हैं।
फोटो पर गाना में सिस्टम हैंग और रंगदारी वाले गाने का चुनाव करते हैं। आलम यह था कि हाटा क्षेत्र के अलावा पूरे कुशीनगर और देवरिया में इनका प्रभाव था। गत दिनों हाटा क्षेत्र में किशोरी की हत्या करने वाला सैफ भी इसी गैंग का सदस्य है। 71-71 लाला गैंग का आतंक जिले में लंबे समय से देखा जाता था। पुलिस के मुखबिर भी इस बात को पुष्ट नहीं कर पा रहे थे और इस गैंग पर इसलिए चाबुक नहीं कसा जा पा रहा था, जिसके कारण पिछले छह माह से जिले में गैंग तेजी से सक्रिय हुआ था। इस गैंग का सरगना देवरिया का रहने वाला है जबकि दूसरे नंबर की भूमिका में हाटा का जुबैर था, जिसके शह पर युवा किसी भी तरह की गतिविधि में शामिल होते थे। ग्रुप के सदस्य अपने रिश्तेदारी के युवकों को भौकाल और डर आदि दिखाकर ग्रुप का हिस्सा बनाते थे और यह समूह बड़ा हो चला था। असलहे लहराना, सूनसान स्थानों पर राहगीरों से मारपीट, मोबाइल फोन, रुपये, लूटना आदि इस गैंग का मुख्य काम हो गया था। सोशल मीडिया पर इस गैंग व ग्रुप में सर्वाधिक कम उम्र के युवा हैं। ग्रुप के किसी सदस्य से कहीं भी वाद विवाद होने पर एक मैसेज फारवर्ड करते और कुछ ही देर में एक से दो दर्जन बाइक सवार मौके पर पहुंच जाते हैं।