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कप्तानगंज सीएचसी

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महिला डॉक्टर सप्ताह में तीन दिन ही उपलब्ध
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कप्तानगंज (कुशीनगर )। सीएचसी में मरीजों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है। मरीजों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है। परिसर गंदगी से भरा है। इस अस्पताल में तैनात एक महिला डॉक्टर केवल तीन दिन ही यहां ड्यूटी पर रहती हैं।
सोमवार को कप्तानगंज सीएचसी में कोरोनारोधी टीका लगवाने वालों के अलावा ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ थी। भीड़ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए कोई प्रबंध नहीं था। इस अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए संविदा के दो डॉक्टर सहित कुल आठ डॉक्टर, तीन फार्मासिस्ट और तीन स्टाफ नर्स की तैनाती है। लेकिन इसमें एक बाल रोग विशेषज्ञ के अलावा किसी अन्य रोग का विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। यहां तक कि सीएचसी में एक महिला डॉक्टर की नियुक्ति तो है लेकिन वह सप्ताह में सिर्फ तीन दिन के लिए ही यहां रहती हैं। शेष अन्य दिन किसी अन्य अस्पताल पर तैनाती है। सोमवार को यहां ओपीडी में 244 मरीज आए थे। अस्पताल परिसर में में जगह-जगह झाड़ झखाड़ से पटा हुआ है हर व्यक्ति जाने से डरता है मरीजो के पीने के लिए आर ओ तो लगा हुआ है लेकिन महीनों से खराब पड़ा हुआ है
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पर्याप्त मात्रा में दवाएं भी उपलब्ध नहीं
सोमवार को इस अस्पताल में प्रभारी चिकित्साधिकारी कक्ष पर ताला लटका हुआ था। अस्पताल में एंटी रैबिज इंजेक्शन मात्र दो वॉयल बचा था। एंटी स्नैक्स इंजेक्शन भी 42 बॉयल और टीटी का 50 इजेक्शन है। कोविड टीका लगवाने वाले लोगों को देने के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पैरासिटामॉल नहीं था।
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व्यवस्था को ठीक कराया जाएगा : प्रभारी चिकित्साधिकारी
कप्तानगंज सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके गुप्ता का कहना है कि अस्पताल परिसर में बने सामुदायिक मूत्रालय के बगल की बाउंड्री टूटी हुई है। जिसके चलते बाहरी लोगों द्वारा परिसर में आकर गंदगी कर दी जाती है। बरसात के कारण झाड़ियां उगी हैं, जिसकी सफाई कराई जाएगी। पेयजल के लिए आरओ को ठीक कराया जाएगा। दवा की मांग की जा रही है।
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