कप्तानगंज/बोदरवार (कुशीनगर)। नेपाल में आई त्रासदी में लापता सुधियानी गांव के अमन गौड़ का शव शुक्रवार को मिल गया। घर वालों ने वीडियो देखकर उसके दाहिने हाथ पर ''एजी'' गोदना से उसके शव की पहचान की। सूचना मिलने के बाद घर वाले नेपाल के लिए रवाना हो गए। लापता आठ अन्य लोगों के बारे में अब तक जानकारी नहीं हो सकी है। घर वाले उनकी तलाश में नेपाल तलाश गए हैं। नेपाल सरकार के कर्मचारियों ने परिजनों का सैंपल लेकर भेज दिया है। डीएनए मिलान के बाद सूचना देने की बात कही है। अमन का शव मिलने पर अन्य लापता लोगों के घर वालों की चिंता बढ़ गई है।
नेपाल में सुधियानी गांव के छह युवक लापता हो गए थे। उनमें 31 अगस्त को अभिषेक तिवारी, आकाश कनौजिया और राज कुमार तिवारी के अलावा पिपराइच के आशुतोष मणि उपाध्याय और प्रदीप निषाद घर लौट आए हैं लेकिन अमन गौड़ (22), अभय उर्फ धीरज तिवारी(23) और पंकज राजभर (22) का पता नहीं चल सका है। शुक्रवार सुबह कंपनी की ओर से घर वालों को फोन कर और वहाट्सएप पर अमन गौड़ के शव का वीडियो भेजा गया। शव की पहचान के बाद घर वाले नेपाल रवाना हो गए।
मलुकही के करन शर्मा (35) अमडीहा के अरुण कुमार सिंह (31), मुंडेरा के रविंद्र सिंह (48), और भलुही सतपोखरिया के नाथू (50), हाटा कोतवाली क्षेत्र के पिपरा तिवारी निवासी सुनील(34), कुबेरस्थान क्षेत्र के कठकुइया के टोला लीलापट्टी निवासी जितेंद्र यादव (35) का अब तक पता नहीं चल सका है। परिवार वालों का कहना है कि फोन की घंटी बजते ही दिल घबराने लग रहा है। ईश्वर से प्रार्थना की जा रही है कि कोई मनहूस सूचना न मिले।
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दो भाइयों में छोटा था अमन
अमन का शव मिलने की सूचना पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। अमन दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई दूसरे शहर में काम करता है। घर की आर्थिक हालत कमजोर है। घर वाले अमन का शव आने का इंतजार कर रहे हैं।
-डीएनए जांच के लिए सैंपल देकर लौटे लोग
-करन, अरुण कुमार और रविंद्र सिंह और सुनील के परिजन नेपाल में तलाश करने के लिए गए थे, एंबेसी की मदद से नेपाल के सैन्य अधिकारियों से मुलाकात किए, रेस्क्यू टीम त्रासदी स्थल पर ले गई, लेकिन कोई सुराग लापता लोगों का नहीं मिला। मलुकही के करन शर्मा के छोटे भाई शिवकरन शर्मा ने बताया कि डीएनए टेस्ट के लिए और अन्य कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद चौथे दिन घर लौट रहा हूं। अब तक भाई के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं मिली l अमडीहा के रविंद्र सिंह के छोटे पुत्र आलोक सिंह ने बताया कि मेरे बड़े भाई अंकित सिंह ने पिता की तलाश में एक सितंबर को नेपाल गए थे लेकिन पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं हो पाई। डीएनए सैंपल और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बड़े भाई नेपाल से लौट रहे हैं l सुनील के भाई रामकैलाश ने बताया कि अभी नेपाल में हूं। तक सुनील के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। अरुण कुमार सिंह के बड़े भाई अनिल सिंह रिश्तेदारों के साथ एक सितंबर को नेपाल गए थे और कंपनी के हेड ऑफिस काठमांडो पहुंचकर अपने भाई के बारे में पूरी जानकारी ली लेकिन कोई सटीक जानकारी न होने पर डीएनए सैंपल देकर रिश्तेदार के साथ कंपनी के हेड ऑफिस काठमांडो में ठहरे हैं। इधर घरवालों का एक-एक पल गुजारना मुश्किल हो गया है।
भलुही गांव के लापता नथुनी प्रसाद के दरवाजे पर बैठकर इंतजार करते परिजन व अन्य।संवाद
भलुही गांव के लापता नथुनी प्रसाद के दरवाजे पर बैठकर इंतजार करते परिजन व अन्य।संवाद