बेबस गांव वालों के सामने एक घंटे तक आग का तांडव रहा। जले हुए शव को देख पति बदहवाश हो गया। रो-रोकर उसका बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में मातम छा गया और बृहस्पतिवार को चूल्हे तक नहीं जले। डीएम की मौजूदगी में शवों का पोस्टमार्टम तीन घंटे तक चला। घटना के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद की चर्चा गांव वालों में जोरों पर रही।
विवाद की वजह और झोपड़ी में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। सन्नाटे के बीच गांव में पहुंचे सांसद, विधायक और समाजसेवियों ने आर्थिक सहायता दिया और नौमी को ढाढ़स बढ़ाया। आंखों के सामने अपना कुनबा खोने वाला गमजदा नौमी ईश्वर को कोसते हुए बार-बार बेहोश हो जा रहा था।
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साढ़ू ने एसपी को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि दहेज में बाइक की मांग नौमी कर रहा था। इसी को लेकर विवाद था। इसलिए वह पत्नी और बच्चें को आग में जलाकर मार डाला। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि तहरीर मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है।
डीएम रमेश रंजन ने बताया कि काफी दुखद घटना है। पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रति मृतक को चार-चार लाख रुपए सहायता दी जाएगी। बाकी जो भी मृतक परिवार को सुविधाएं होगी वह दी जाएगी। एसडीएम की ड्यूटी गांव में लगाई गई है।