पडरौना। क्षेत्र के लम्हुआ और कुबेरस्थान स्थित प्राचीन शिवमंदिर के गर्भगृह में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शिवलिंग पर जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख समृद्धि की कामना की।
सावन के मंगलवार को श्रद्धालुओं ने शिव लिंग पर धूप, दीप, अक्षत, रोली, चंदन का तिलक लगाकर फूल बेलपत्र से बाबा का पूजन किया। इसके बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक कर भक्तों ने परिवार के मंगल कामना की। शहर के भारतीय शिवाला मंदिर, लम्हुआ और कुबेरस्थान के शिव मंदिरों में सुबह से ही शिवालयों में भीड़ जुटनी शुरू हो गई। मंदिर के पुजारी ने भोले का विशेष श्रृंगार कर पूजन किया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह को खोल दिया गया। जहां भक्तों ने भगवान शिव का पूजन कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की।
पंडित हरिओम मिश्र ने बताया कि सावन भगवान शिव का प्रिय महीना है। ऐसी मान्यता है कि सावन में चारों ओर मेघवर्षा होती है और तापमान में गिरावट आती है, जिससे शिव का चित्त शांत रहता है। उन्हें शीतलता प्राप्त होती है। पूरा माह भगवान भोलेनाथ का जल, दूध, दही, शहद व गंगा जल में बेल पत्र, चावल, धतूरा, भांग, मदार के पुष्प आदि से जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती है। इसलिए लोगों को श्रद्धापूर्वक पूजन करते हुए समय व्यतीत करना चाहिए।