दबाव बढ़ा तो पुलिस ने किशोरियों को घर पहुंचाया
खड्डा (कुशीनगर)। थाना क्षेत्र के एक गांव की दो नाबालिग लड़कियों को देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना की पुलिस ने बृहस्पतिवार की देर शाम उनके घर पहुंचा दिया। इन लड़कियों के पिता ने खड्डा थाने में तहरीर देकर उनके अपहरण की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। दबाव बढ़ते देख पुलिस को उन लड़कियों को वापस पहुंचाना पड़ा।
पुलिस की वर्दी में गाड़ी से आए छह-सात की संख्या में लोग बृहस्पतिवार की दोपहर में खड्डा थाना क्षेत्र के एक गांव से 14 एवं 12 साल की दो नाबालिग लड़कियों को पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर चले गए थे। उनके घर की तलाशी भी ली थी। परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध किया तो उन लोगों ने इसे देवरिया पुलिस की कार्रवाई बताया था। देर शाम पता चला कि रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र की पुलिस गांव में आई थी। परिजनों ने लड़कियों के अपहरण की आशंका जताते हुए खड्डा थाने में तहरीर दी थी।
देवरिया पुलिस की इस कार्रवाई से खड्डा थाने के एसओ भी अनभिज्ञ थे और उन्होंने इसपर आश्चर्य जताया था। परिजनों की शिकायत थी कि यदि पुलिस को पूछताछ के लिए जाना था तो स्थानीय पुलिस के साथ आते। कागजी लिखा-पढ़ी के बाद उन्हें ले जाते। परिजनों की तहरीर मिलने पर पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना की पुलिस आई थी और पूछताछ के लिए दो किशोरियों का अपने साथ लेकर गई थी। इधर, दबाव बढ़ते देख रामपुर कारखाना पुलिस ने दोनों किशोरियों को वापस उनके घर पहुंचा दिया।
राष्ट्रीय बाल आयोग से की शिकायत
खड्डा। मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेश मणि ने रामपुर कारखाना पुलिस की तरफ से दो किशोरियों को जबरन उठाए जाने की शिकायत राष्ट्रीय बाल आयोग से की है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय बाल अधिकार व संरक्षण आयोग नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश बाल आयोग के अध्यक्ष विशेष गुप्ता, मुख्य सचिव, एडीजी गोरखपुर, डीआईजी, डीएम व एसपी से इसकी शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि पुलिस की तरफ से किया गया यह कार्य किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन है। राजेश ने इस कार्य में शामिल पुलिसकर्मियों पर विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग के साथ ही कहा है कि बच्चों के अधिकार की इस लड़ाई को आगे भी जारी रखेंगे।
यह है मामला
खड्डा क्षेत्र के एक गांव का युवक देवरिया जनपद के रामपुर कारखाना क्षेत्र से किसी लड़की को भगा ले गया। आरोप है कि इसी सिलसिले में रामपुर कारखाना थाने के पुलिसकर्मी बृहस्पतिवार को पहुंचे और आरोपी युवक पर कार्रवाई करने की बजाए पड़ोस की दो नाबालिग को जबरदस्ती उठा ले गए और सात घंटे तक प्रताड़ित किया। शुरू में तो किसी को पता ही नहीं चल पाया कि वर्दी पहने लोग कौन थे। लड़कियों के पिता ने खड्डा पुलिस को अज्ञात लोगों पर अपहरण की तहरीर देते हुए मदद की गुहार लगाई, तब देर शाम पता चला कि लड़कियों को ले जाने वाले रामपुर कारखाना पुलिस के लोग थे। मामला बढ़ने व खड्डा पुलिस के दबाव के चलते गलती मानते हुए दोनों को खड्डा पुलिस को सौंप दिया। खड्डा पुलिस ने लड़कियों को उनके पिता को सौंप दिया था। लड़कियों के परिजन पुलिसवालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
क्या कहते हैं सीओ खड्डा
सीओ खड्डा शिवाजी सिंह का कहना है कि इसमें क्या कार्रवाई होगी। पुलिस ले गई थी। कोई अपहरण थोड़े न हुआ था।