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चैनपट्टी गांव के पास कटान से मची अफरातफरी

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चैनपट्टी गांव के पास कटान से मची अफरातफरी
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- सिंचाई विभाग बचाव कार्य में जुटा
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। चैनपट्टी गांव स्थित एपी बांध के निकट शुक्रवार को सुबह अचानक पानी के दबाव के कारण कटान शुरू हो गई।
इससे लोगों में अफरा तफरी मच गई। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने बोल्डर से बचाव कार्य शुरू करा दिया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
गंडक नदी में 4.12 लाख क्यूसेक तक पानी का डिस्चार्ज हो जाने के चलते एपी बांध पर कटान का खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि अधिक पानी आने के बाद जब डिस्चार्ज की मात्रा घटने लगती है तो बांध पर कटान का खतरा बढ़ जाता है। कुछ इसी तरह की स्थिति एपी बांध के चैनपट्टी गांव के पास बृहस्पतिवार को शाम से ही दिखाई देने लगी थी और शुक्रवार को वहां अचानक कटान तेज हो जाने से अफरातफरी का माहौल बन गया।
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गनीमत रहा कि इसकी जानकारी होते ही बाढ़ खंड के अभियंता मौके पर पहुंच गए और बोल्डर से डंपिंग कराकर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। वहां बचाव कार्य जारी है। गांव के लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में बांध बचाव के नाम पर अभी कोई कार्य नहीं किया है। इससे अभी कई ऐसे संवेदनशील स्थान हैं, जहां कटान का खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते इन स्थानों को सुरक्षित नहीं किया गया तो स्थिति कभी भी भयावह हो सकती है। बाढ़ खंड के एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
जलस्तर घटा, पिपराघाट के लोगों की समस्या जस की तस
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज 3.12 लाख क्यूसेक होने के बाद अब डेढ़ लाख क्यूसेक के पास आ गया है, लेकिन पिपराघाट में अब भी हालत जस की तस बनी हुई है। कई पुरवों में पानी घुसा हुआ है। सड़कों पर पानी भरा होने के कारण लोगों को अपने घरों तक आने जाने में छोटी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
मुसहरी टोला, इमिलिया टोला, उपाध्याय टोला, भंगी टोला, मोतीराय टोला, हनुमान टोला में अभी भी पानी घुसा हुआ है। जोगनी, रानीगंज, नरवा टोला, तवकल टोला, सुब्बाखान टोला, चौकी टोला, दहारी टोला, शिव टोला, जयपुर चारो ओर से बाढ़ के पानी से घिरे हुए हुए हैं।
शुक्रवार को भी देवनारायन टोला, शिव टोला, इमिलिया टोला और मुसहरी टोला की सड़कों पर तीन से चार फीट पानी भरा हुआ था। इसके चलते लोग छोटी नावों के सहारे अपने घर आ जा रहे हैं। क्षेत्र के श्रीकांत पटेल, आदित्य यादव, सरल शर्मा, ध्रुव निषाद, राजकुमार, अशोक मुखिया, पुष्कर गिरि, प्रदीप तिवारी, रामदेव आदि का कहना है कि बांसी नदी और गंडक नदी के दोआबे में स्थित सभी गांव काफी नीचे हैं और जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि जब यहां पानी भर जाता है तो उसे निकलने में काफी समय लगता है और उसका खामियाजा इन गांवों के लोगों को भुगतना पड़ता है।
बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बांध पर पहुंचकर जायजा लिया
तमकुहीरोड। वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में छोड़े गए भारी मात्रा में पानी से एपी बांध पर बिगड़े हालात का सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर सहित बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बृहस्पतिवार की देर शाम अहिरौलीदान में एपी बांध पहुंचकर जायजा लिया। इन अभियंताओं ने कटान की संभावना वाले सभी संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थिति की गंभीरता पर अभियंताओं और ग्रामीणों से भी चर्चा की और विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।
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सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर आलोक कुमार जैन, बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता केके राय, अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह व सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी सहित अन्य अभियंता अहिरौलीदान में एपी बांध पर पहुंचे। बिगड़े हालात का जायजा लिया। नोनियापट्टी सहित कटान की संभावना वाले अन्य सभी संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान चीफ इंजीनियर ने स्थिति की गंभीरता पर ग्रामीणों व अभियंताओं से चर्चा की। मौके पर मौजूद भाजपा किसान मोर्चा के जिला मंत्री जेके सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान हीरालाल यादव, अरविंद सिंह पटेल आदि ने भी चीफ इंजीनियर को बांध बचाव से संबंधित कई सुझाव दिए। बाद में चीफ इंजीनियर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अभियंताओं से निरंतर बांध की निगरानी करने और विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। इस दौरान जेई चंद्रप्रकाश, संजय कुमार मौर्य, सुनील कुमार यादव, रमेशधर दूबे, राकेश कुमार, राजेश कुमार सिंह, बीपी सिंह आदि मौजूद थे।
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