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Kushinagar News: चार साल से बंद कप्तानगंज चीनी मिल को फिर चलाने की तैयारी

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कप्तानगंज। चार साल से बंद कप्तानगंज चीनी मिल में एक बार फिर मशीनों की खड़खड़ाहट सुनाई देने की उम्मीद जगी है। मिल प्रबंधन ने पेराई सत्र 2027-28 में मिल को दोबारा संचालित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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खराब मशीनरी को बदलने और जरूरी मरम्मत के लिए करीब 25 से 30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रबंधन के अनुसार धन की व्यवस्था की जा रही है और नवंबर के प्रथम सप्ताह से काम शुरू कराने की योजना है। कप्तानगंज चीनी मिल में पेराई सत्र 2021-22 में फरवरी में पेराई पूरी हुई थी। इसके बाद किसानों के गन्ने का पूरा भुगतान कर दिया गया था। आर्थिक संकट के कारण अगले पेराई सत्र में मिल का संचालन शुरू नहीं हो सका। तभी से मिल बंद है।
बृहस्पतिवार को चीनी मिल के उपाध्यक्ष एसके श्रीवास्तव ने उपमहाप्रबंधक प्रशासन विनोद कुमार श्रीवास्तव, उपमहाप्रबंधक तकनीकी शिव गोविंद श्रीवास्तव और शिशुपाल शृंखला के साथ मिल परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने लंबे समय से बंद मशीनरी की स्थिति देखी और खराब इकाइयों को चिह्नित किया। बताया कि मिल को दोबारा चालू करने के लिए करीब 25 से 30 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इसकी व्यवस्था प्रबंधन स्तर से की जा रही है। नवंबर के प्रथम सप्ताह से खराब मशीनरी को बदलने और मरम्मत का काम शुरू कराने की तैयारी है। योजना के अनुसार काम पूरा होने पर पेराई सत्र 2027-28 में मिल का संचालन शुरू किया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि मिल प्रबंधन किसानों को गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। प्रबंधन की विभिन्न इकाइयों में कप्तानगंज चीनी मिल को महत्वपूर्ण यूनिट माना जाता है।
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