बिना भुगतान किए बंद हो गई कप्तानगंज चीनी मिल
सत्र में एक दिन का भी भुगतान नहीं किया है मिल ने
भुगतान न करने की वजह से गन्ना देने को तैयार नहीं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/कप्तानगंज। जिले की चारों चीनी मिलें गन्ने की पेराई कर रहीं हैं और अपनी क्षमता के अनुरूप भुगतान भी, लेकिन कप्तानगंज चीनी मिल मंगलवार को सुबह छह बजे बंद हो गई। गन्ना विभाग का कहना है कि इस चीनी मिल पर मौजूदा पेराई सत्र का 82 करोड़ 10 लाख 81 हजार रुपये गन्ना मूल्य बाकी है, लेकिन चीनी मिल की तरफ से एक दिन का भी भुगतान नहीं किया गया है। इससे नाराज किसानों ने गन्ने की आपूर्ति बंद कर दी है। नतीजतन, चीनी मिल मंगलवार की सुबह बंद हो गई।
गन्ना विभाग की मानी जाए तो कप्तानगंज चीनी मिल ने 20 नवंबर को पेराई सत्र की शुरुआत की थी। तब से 27.25 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। इसके एवज में 82 करोड़ 10 लाख 81 हजार रुपये गन्ना मूल्य बाकी है। इस सत्र में चीनी मिल की तरफ से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे परेशान क्षेत्र के किसानों ने चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति बंद कर दी है। इस कारण मंगलवार को सुबह छह बजे चीनी मिल बंद हो गई। विभाग का कहना है कि चीनी मिल की तरफ से भुगतान न किए जाने की वजह से किसान गन्ना की आपूर्ति नहीं कर रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि यह मिल चीनी बेचकर गन्ना मूल्य का भुगतान करती है। इस साल चीनी मिल ने 27.25 लाख क्विंटल गन्ना पेरा है, लेकिन भुगतान नहीं किया है। इस वजह से किसान अपना गन्ना चीनी मिल को देने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। सोमवार को खुद भी जाकर किसानों और चीनी मिल के अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि जो किसान अपना गन्ना बीज अथवा दूसरी चीनी मिलों को बेचना चाहते हैं, वे संपर्क करें। उनका गन्ना दूसरी चीनी मिलों को आवंटित कर दिया जाएगा।
चीनी मिल के एजीएम व गन्ना सलाहकार बोले
कप्तानगंज चीनी मिल के एजीएम विनोद कुमार श्रीवास्तव और गन्ना सलाहकार रामप्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि 15 जनवरी से गन्ना कम आ रहा है। इसके चलते 12 से 14 घंटे ही मिल चल पा रही थी। किसानों के खेत में जो गन्ना है, उसे उन लोगों ने बीज के लिए रखा है। दो-तीन दिन इंतजार करने के बाद मंगलवार को सुबह छह बजे चीनी मिल बंद कर दी गई।
कप्तानगंज केन यूनियन के सचिव ने कहा
कप्तानगंज केन यूनियन के सचिव देवेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि क्षेत्र में किसानों का लगभग 60 हजार क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा है। किसानों के बीच गए थे। चीनी मिल को गन्ना देने के लिए कहा गया, लेकिन चीनी मिल पर किसानों का 80 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है, जिसे लेकर किसानों में नाराजगी है। वे चीनी मिल को गन्ना देने के लिए तैयार नहीं हैं। कप्तानगंज केन यूनियन के चेयरमैन योगेंद्र सिंह ने बताया कि बकाए के चलते क्षेत्र के किसानों ने इस चीनी मिल को अपना गन्ना देने से इन्कार कर दिया है।