गुणवत्ता खराब मिलने पर लगाई फटकार
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने करुणा सागर प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण,
93 लाख रुपये से कराया जा रहा निर्माण, जनवरी 2020 में पूरा होना है काम
कसया। बौद्धकालीन हिरण्यवती नदी के करुणा सागर प्रोजेक्ट के तहत चल रहे निर्माण कार्य का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय ने बुधवार को निरीक्षण किया। गुणवत्ता दरकिनार किए जाने पर ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। निर्धारित समय सीमा में मानक के मुताबिक काम कराने की हिदायत दी।
कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) की तरफ से 93 लाख रुपये की लागत से एनएच 28 व एनएच 28 बी के बीच हिरण्यवती नदी के तट पर पार्क, घाट व सीढ़ी निर्माण, चहारदीवारी, मिट्टी भरने आदि का काम चल रहा है। इस काम को जनवरी 2020 में पूरा करने की समय सीमा निर्धारित है। बुधवार दोपहर बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय कसाडा के वरिष्ठ लिपिक आशीष द्विवेदी के साथ पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार को एनएच 28 तक नदी के दोनों तरफ जाली और चाहरदीवारी बनाने को कहा। मौके पर निर्माण में गुणवत्ता और सीढ़ियों पर लगने वाले पत्थर की क्वालिटी के लिए कसाडा के जेई महेश गौतम को बुलवाया और बिंदुवार निर्माण में मानक व गुणवत्ता से संबंधित जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मानक व गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखे जाने पर ठेकेदार को फटकार लगाई। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट की डिजाइन को साइट पर ही बैठकर देखा और निर्माण कार्य को बेहतरी तरीके से कराने का निर्देश दिया।
विधायक ने काम रोकने को कहा
कसया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय जब करुणा सागर प्रोजेक्ट का निरीक्षण कर रहे थे तो इसी दौरान कुशीनगर के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी भी पहुंच गए। विधायक ने निर्माण कार्य बंद कराने को कहा। उनका आरोप था कि प्रोजेक्ट में मानक व गुणवत्ता विहीन काम किया जा रहा है। विधायक ने यह भी कहा कि यहां काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी भी नहीं दी जा रही है। जिसकी मजदूरों ने शिकायत दर्ज कराई है। इस मौके पर दिव्येंदु मणि त्रिपाठी, दिनेश गुप्ता, दीप मिश्र समेत अन्य लोग मौजूद रहे।