महा परिनिर्वाण मंदिर में चीवर चढ़ाकर पूजा अर्चना करते जापानी पर्यटक। संवाद
कसया। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटक स्थली में सोमवार को जापान से आए दो पर्यटकों ने महापरिनिर्वाण मंदिर में विधि-विधान से पूजा कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की। दोनों पर्यटक चार्टर विमान से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग से मंदिर परिसर पहुंचे।
मंदिर में पहुंचकर पर्यटकों ने भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा पर श्रद्धा भाव से चीवर अर्पित किया और शांति का संदेश देते हुए विशेष प्रार्थना की। इस दौरान भंते अशोक ने वैदिक एवं बौद्ध रीति से पूजन संपन्न कराया और उन्हें बुद्ध के जीवन व महापरिनिर्वाण से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी भी दी। जापानी पर्यटक शिकाता योशिकी और मसुई री दोनों जापान के व्यवसायी हैं और नेपाल से अपनी यात्रा प्रारंभ कर भारत पहुंचे हैं। उनका यह बौद्ध तीर्थ यात्रा कार्यक्रम 6 अप्रैल से 17 अप्रैल तक निर्धारित है। इसके तहत वे बौद्ध सर्किट के प्रमुख स्थलों का भ्रमण करेंगे। महापरिनिर्वाण मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद दोनों पर्यटक रामाभार स्तूप भी पहुंचे।
वहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। उन्होंने यहां की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को करीब से समझा और इसे विश्व शांति का प्रतीक बताया। पूरे भ्रमण के दौरान पर्यटकों में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला। कुशीनगर में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी बढ़ावा मिल रहा है। भ्रमण के बाद दोनों पर्यटक यहां से बोधगया के लिए रवाना हो गए।