पडरौना। कप्तानगंज ब्लॉक के पडखोरी में शुक्रवार को जल जीवन मिशन के तहत निर्मित ग्रामीण पेयजल योजना परिसर में ''जल चौपाल एवं जल अर्पण'' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), गोरखपुर के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने ग्रामीणों को पेयजल की उपलब्धता, योजना के संचालन तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
मुख्य अभियंता ने बताया कि जल जीवन मिशन फेज-2 के अंतर्गत पडखोरी में पेयजल योजना का निर्माण पूरा कराया गया है। योजना के तहत सोलर पंपिंग प्लांट सहित नलकूप, 175 किलोलीटर क्षमता का 16 मीटर स्टेजिंग वाला उच्च जलाशय, पंप हाउस, बाउंड्री वॉल एवं गेट, 5.70 किमी लंबी पाइपलाइन तथा 272 गृह जल संयोजन स्थापित किए गए हैं। योजना के सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं और ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने स्वच्छ पेयजल के महत्व, जल संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों से पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता एवं नियमितता के संबंध में फीडबैक भी लिया। ग्रामीणों ने बताया कि घर-घर पेयजल मिलने से स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है। ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों ने सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए आभार जताया।
मुख्य अभियंता ने बताया कि जिले में जल जीवन मिशन के फेज-दो एवं फेज-तीन के तहत 453 ग्रामीण पेयजल योजनाओं पर कार्य चल रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से 667 ग्राम पंचायतों के 904 राजस्व गांवों में 3,34,718 गृह जल संयोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके लिए 454 ट्यूबवेल, 454 पंप हाउस, 454 उच्च जलाशय तथा 6,448 किलोमीटर वितरण पाइपलाइन का निर्माण प्रस्तावित है। अब तक 454 ट्यूबवेल, 442 पंप हाउस, 250 उच्च जलाशय और 6,252 किलोमीटर पाइपलाइन का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान तथा योजनाओं की जानकारी के लिए ''''जल सारथी एप'''' का अधिक से अधिक उपयोग करें। कार्यक्रम में अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, जेई, एई आदि मौजूद रहे।