पडरौना। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के बलुआ गांव निवासी शिक्षामित्र अश्वनी कुमार मिश्रा का सुसाइड नोट पढ़ने के बाद दरवाजे पर जुटे लोगों की आंखें भर आई। सूदखोर की प्रताड़ना की जहां पूरा दास्ता इसमें लिखा है, वहीं जमीन खरीदने के लिए दिए रुपये हड़पने वाले का नाम भी दर्शाया है। आरोपी सूदखोर का शहर में लंबा चौड़ा सूदखोरी का नेटवर्क फैला है। पत्नी सुमन का आरोप है कि सूदखोर अपने लोगों को दरवाजे पर भेजकर धमकी दिलाता था और उल्टा सीधा बोलता था। मूलधन से अधिक रुपये दिया जा चुका था, लेकिन दस प्रतिशत ब्याज जोड़कर मांग रहा था, पांच प्रतिशत के हिसाब से कर्जा चुकता कर दिया गया था।इसको लेकर पति मानसिक रूप से परेशान थे।
शिक्षामित्र अश्वनी मिश्रा की पत्नी सुमन ने बताया कि जब वह शिक्षामित्र से शिक्षक बने तो कर्ज लिए,लेकिन अचानक नौकरी चली गई और विशुनपुरा ब्लॉक के पखनहा प्राथमिक विद्यालय में बतौर शिक्षामित्र पढ़ाते थे,घर से विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण पडरौना के राजपूत कालोनी में किराए के मकान मेंं पूरा परिवार रहता था। 14 वर्षीय बेटा ऋषभ मिश्रा और दस वर्षीय बेटी की पढ़ाई का भी दबाव बना रहता था,जितने रुपये मानदेय मिलता था,उससे खर्च नहीं निकल पता था। वह बीच में सूदखोर धनश्याम वर्मा से पांच प्रतिशत ब्याज पर रुपये लेकर जमीन खरीदने के लिए एक व्यक्ति को दिए, इसके बदले उससे सादा चेक लिया गया था। जमीन बैनामा होने के बाद लौटाना था। रुपये लेने के बाद वह शख्स जमीन का बैनामा नहीं कर रहा था और न ही रुपये लौटा रहा था। बावजूद इसके आरोपी धनश्याम का रुपये वापस पांच प्रतिशत ब्याज जोड़कर कर दिया गया था, लेकिन वह दस प्रतिशत ब्याज के हिसाब से रुपये मांग रहा था। इसको लेकर रास्ते में वह कई बार उलझ गया और फोन कर धमकी देने के साथ उल्टा सीधा बात करता था।
सूत्रों की माने धनश्याम की शहर से लेकर गांव तक सूदखोरी का धंधा फैला है। थाने पर इसकी मजबूत पकड़ होने के कारण कई मामला पहुंचा है तो सुनवाई तक नहीं होती है। कस्बा चौकी के पुलिसकर्मियों का आना-जाना लगा रहता है। पूर्व में भी कोतवाली में इसका मामला आ चुका है। पडरौना सीओ डॉ. अजय कुमार ने बताया कि मामला गंभीर है। ऐसे लोगों को नहीं बख्शा जाएगा। गंभीरता से इसकी जांच कराई जा रही है। आरोपी सूदखोर के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।