पडरौना। सेवानिवृत्ति के दिन आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति करने वाले सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया सेवाकाल में अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहे। कार्यकाल के अंतिम साल में सीएचसी के लिए एनएचएम से करीब 4.50 करोड़ रुपये की खरीद कराई थी। बरहराइच के एक पूर्व विधायक के भाई की फर्म से खरीदारी हुई थी। भुगतान के लिए उन्होंने एड़ी-चोटी का जाेर लगाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद आए सीएमओ व कार्यवाहक सीएमओ से कई बार प्रयास किया, लेकिन खरीदारी सिर्फ कागजों में होने से भुगतान नहीं किया जा सका। डीएम के निर्देश पर एसडीएम मोहम्मद जफर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है।
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया 28 फरवरी 2025 को रिटायर्ड हो गए। सेवा के अंतिम दिन आउटसोर्सिंग से अपने 10 चहेतों की नियुक्ति कर दी। करीब दो माह बाद जानकारी हुई तो डॉ. धनंजय मिश्रा ने इसकी शिकायत डीएम से की। तत्कालीन सीएमओ रहे डॉ. अनुपम भास्कर ने इसकी जांच कराई और फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर एडी हेल्थ को जांच के लिए पत्र लिखा था। बताया जाता है कि विभाग में डॉ. सुरेश पटारिया की मजबूत पकड़ होने से मामला ठंडा बस्ते में चला गया। दोबारा मामला डीएम महेंद्र सिंह तंवर तक पहुंचा तो जांच के बाद नियुक्तियां निरस्त कर दी गईं।
सूत्रों का कहना है कि सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया के कार्यकाल के अंतिम साल में सीएचसी-पीएचसी के लिए एनएचम से 4.50 करोड़ से उपकरण व दवाओं की खरीद की गई थी। यह खरीद बहराइच के एक पूर्व विधायक के भाई की फर्म से हुई थी। तत्कालीन डीएम विशाल भारद्वाज तक मामला पहुंचा तो उसके भुगतान पर रोक लगा दी गई। सेवानिवृत्ति के बाद डॉ. सुरेश पटारिया कई बार कुशीनगर आए और भुगतान कराने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन किसी कार्यवाहक सीएमओ ने भुगतान के लिए आदेश नहीं दिया। करीब तीन माह पूर्व सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश अवकाश पर गए तो डिप्टी सीएमओ डॉ. आरडी कुशवाहा को चार्ज मिला था। इस दौरान रिटायर्ड सीएमओ के स्टेनो नवीन श्रीवास्तव ने भुगतान के लिए आदेश करा लिया था। आदेश की कॉपी लेकर ठेकेदार हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने भुगतान के लिए सीएमओ को आदेश भी दे दिया। इसकी भनक डीएम महेंद्र सिंह तंवर को लगी तो वह सख्त हो गए और एसडीएम मोहम्मद जफर के नेतृत्व में जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी। इसकी जांच चल रही है और भुगतान नहीं हो सका है।
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डीएम के निर्देश पर एनएचएम के तहत हुई खरीदारी की जांच चल रही है। बिना जांच रिपोर्ट आए भुगतान नहीं होगा। भुगतान के लिए प्रस्तुत किए गए बिल और खरीदे गए उपकरण से मिलान कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। -डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ कुशीनगर