मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के जंगल सिंघापट्टी गांव में मनरेगा योजना के तहत हुए मिट्टी कार्य में सामने आई भारी अनियमितता के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बीडीओ अखंड प्रताप की तरफ से मौके पर की गई जांच और कार्रवाई के बाद जिला स्तर से पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। डीसी मनरेगा ने बीडीओ से तीनों कार्यों से संबंधित मस्टररोल, जॉबकार्ड, कार्य स्वीकृति पत्र और ऑनलाइन उपस्थिति का पूरा ब्योरा मांगा है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि फर्जी तरीके से 137 मजदूरों की हाजिरी अपलोड करने में किन-किन कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका रही। बताया जा रहा है कि यदि जांच में जानबूझकर फर्जीवाड़ा और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों पर कड़ी कराई की जा सकती है। वहीं, मनरेगा कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पंचायत और क्षेत्र पंचायत स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के नाम पर कागजों में काम दिखाकर लंबे समय से खेल किया जा रहा है। ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक हलचल तेज है और आगे की जांच रिपोर्ट के आधार पर और कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।