सीएम के निर्देश का नहीं हो रहा पालन, मनमाना किराया वसूलते हैं चालक
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सीएम के निर्देश का शहर में पालन नहीं हो रहा है। शहर में अवैध स्टैंड से चालक फर्राटा भर रहे हैं। वहीं, वाहन चालकों का कहना है कि शहर में कहीं भी टेंपो या ई-रिक्शा चलाते हैं तो उसका टैक्स नगर पालिका वसूलती है। छोटे वाहनों का भी निकाय शुल्क के नाम पर 30 से 50 रुपये तक देना पड़ता है।
शहर में वसूली का अड्डा तो है, लेकिन शुल्क निर्धारित नहीं है। जिसे मर्जी चाहे नगर पालिका के कर्मचारी पर्ची थमाकर वसूली शुरू करा देते हैं। यह पीड़ा रामकोला रोड स्थित अवैध टैक्सी स्टैंड के टेंपो चालक राजू ने बृहस्पतिवार को बयां की। ् मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि कहीं भी अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड या रिक्शा स्टैंड संचालित नहीं होना चाहिए। बिना जगह निर्धारित किए स्टैंड शुल्क के नाम पर वसूली भी नहीं की जानी चाहिए, लेकिन शहर में इसकी व्यवस्था उलट है।
नगर पालिका परिषद से मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के कठकुइयां मोड़, मंसाछापर जाने के लिए दरबार रोड, रामकोला रोड स्थित बावली चौक, मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के पास और राजकीय पशु चिकित्सालय के आगे अधिकृत रूप से टैक्सी स्टैंड बने हैं, रामकोला मार्ग पर बस डिपो के सामने, पेट्रोल पंप के पास, सुभाष चौक, तिलक चौक के पास के अलावा अन्य स्थानों ऑटो व ई-रिक्शा सड़क पर लगवाकर नगर पालिका से जुड़े लोग रोजाना भारी भरकम स्टैंड शुल्क वसूलते हैं। अवैध वसूली का खामियाजा दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों को भुगतना पड़ता है। चालक नगर पालिका की वसूली का हवाला देकर सवारियों से मनमाना किराया लेते हैं।
पांच स्टैंडों की नीलामी एक व्यक्ति को दी गई, सुविधाएं भी नदारद
शहर में पांच टैक्सी स्टैंड बने हैं, लेकिन वहां चालकों और यात्रियों की सुविधा के लिए समुचित इंतजाम नहीं हैं। न तो टैक्सी स्टैंडों पर छाया की व्यवस्था है और न शुद्ध पेयजल एवं शौचालय की, जबकि नगरपालिका हर साल इन टैक्सी स्टैंडों की नीलामी कराती है।इस साल अप्रैल से आगामी मार्च तक 28 लाख रुपये में टैक्सी स्टैंड की नीलामी की गई है।
इन टैक्सी स्टैंडों का खुद का शेड नहीं है। ऐसे में चालकों व यात्रियों को धूप में रहना पड़ता है। इनका खुद का शौचालय भी नहीं बना है। यदि किसी यात्री अथवा चालक को प्रसाधन जाने की जरूरत महसूस हो तो उसे वाहन से उतरकर शहर में स्थित सुलभ शौचालय जाना पड़ता है। यह टैक्सी स्टैंड वर्ष 1992 की नियमावली के आधार पर संचालित होता है, जबकि इन 30 वर्षों में शहर का काफी विकास हुआ है। उस लिहाज से टैक्सी स्टैंडों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं में भी वृद्धि होनी चाहिए।
कोट
लोगों को समस्या न हो, इसके लिए कई स्टैंड चिह्नित किए गए हैं। कठकुइयां मार्ग पर जहां चिह्नित किया गया है, वहां ऑटो चालक सवारी नहीं बैठाते हैं। इस पर कार्रवाई की गई है। अन्य स्थानों पर अभियान चलाकर व्यवस्था को सही कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन कराया जा रहा है। सड़क के किनारे पडरौना शहर में पांच स्थानों पर नगर पालिका के टैक्सी स्टैंड हैं। वहां का ठेका इस साल हो चुका है। 28 लाख रुपये में ठेका हुआ है। ठेकेदारों को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
-महात्मा सिंह, उपजिलाधिकारी, पडरौना