कसया। शरद कालीन गन्ने के साथ किसान गेहूं की सहफसली खेती करें। एक एकड़ खेत से 16 से 18 कुंतल गेहूं का उपज होगा। इससे किसानों को दोहरा लाभ होगा। उत्पादन लागत घटेगी, आर्थिक स्थिति मजबूत होगा।
यह जानकारी किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच गोरखपुर के पूर्व सहायक निदेशक, गन्ना विशेषज्ञ ओम प्रकाश गुप्ता ने सकरौली में किसानों को दी।
उन्होेंने बताया कि गन्ने की बुवाई 4 फुट की दूरी पर नाली बनाकर करें। अधिक उपज देने वाली गन्ने की प्रमुख प्रजातियों की बुवाई करें। गन्ने की दो लाइन के बीच गेहूं की तीन पंक्ति बुवाई करें। एक एकड़ गन्ने में गेहूं बोने के लिए 25 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। क्षेत्रीय प्रबंधक एग्री जेनिटिक के कृषि विशेषज्ञ राजेश सिंह ने किसानों को बताया कि रोटावेटर से गेहूं की बुवाई करने से औसत उपज प्रभावित हो रहा है, जो किसान गोबर की सड़ी खाद प्रयोग नहीं कर रहे हैं।