तमकुहीरोड। गन्ना अनुसंधान संस्थान सेवरही में गोंडा के 40 व बस्ती के 26 किसानों काे प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें उन्नतशील बीज व आधुनिक तकनीक की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाषचंद सिंह ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार गन्ना किसानों की आय दोगुनी करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों के विकास को केंद्र में रख कर ही योजनाएं लागू कर रही है। किसानों को शरदकालीन गन्ने की बुवाई में सहफसली पर विशेष जोर देना चाहिए। उन्नतशील बीजों का और संतुलित उर्वरकों का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे गन्ने का पैदावार और किसानों की आय बढ़ेगी।
संस्थान की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अर्चना शिराड़ी ने किसानों को उन्नतशील बीजों, कीटनाशकों, उर्वरकों के साथ आधुनिक तकनीकी के बारे में जानकारी देते हुए उसका इस्तेमाल करने की सलाह दी। प्रशिक्षण के लिए आए किसानों ने वैज्ञानिकों के साथ गन्ना शोध संस्थान का भ्रमण किया और नवीन यंत्रों के प्रयोग की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार मिश्र, डॉ. वाईपी भारती, डॉ. केके साहू, डॉ. डॉ. कृष्णपाल सिंह, खंड विकास अधिकारी फूलचंद्र प्रजापति, कृषि वैज्ञानिक डॉ. कृष्णपाल सिंह आदि मौजूद रहे।