बरवापट्टी। नदी के बढ़े जलस्तर के कारण ठोकरों के संवेदनशील होने से आसपास के ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ गई है। इसी क्रम में किमी 7.1 पर बने नए ठोकर के नोज का करीब चार मीटर हिस्सा नदी में धंस गया है। हालांकि, मौके पर विभाग की ओर से अभी तक कोई बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है।
बरवापट्टी स्थित किमी जीरो से लक्ष्मीपुर किमी 7.8 तक बने सभी ठोकरों पर नदी का दबाव बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा अभी तक बाढ़ चौकी का निर्माण नहीं कराया गया है। यदि बाढ़ चौकी होती और नदी के जलस्तर तथा ठोकरों की स्थिति की नियमित जानकारी समय से विभाग तक पहुंचती, तो किमी 7.1 पर हुए नुकसान को समय रहते रोका जा सकता था।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग हमेशा बचाव कार्य के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने का दावा करता है, लेकिन मौके के निरीक्षण में पर्याप्त मात्रा में बोल्डर, जियो बैग और जाली आदि सामग्री उपलब्ध नहीं दिखाई दी। ऐसे में यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो ठोकरों पर दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। वहीं, मौके पर मौजूद अभियंता एमके सिंह ने बताया कि किसी भी ठोकर पर फिलहाल कोई विशेष दबाव नहीं है। उन्होंने कहा कि किमी 7.1 पर ठोकर का थोड़ा हिस्सा धंसा है, लेकिन इससे किसी प्रकार का खतरा नहीं है। पानी का दबाव होने के कारण इस तरह का कुछ नुकसान होना सामान्य है।