पडरौना रोडवेज डिपो के पास प्राइवेट बस में सवार होते लोग। स्रोत सोशल मीडिया
पडरौना। डग्गामार वाहनों के चालक और खलासी की इतनी दबंगई है कि वह रोडवेज के अंदर से सवारी लाकर बसों में बैठा लेते हैं, विरोध करने पर रोडवेज कर्मियों के साथ बदसलूकी करते हैं। यह खेल पडरौना और कसया रोडवेज के पास कभी भी देखा जा सकता है। पडरौना में तो रामकोला रोड पर एक स्कूटी से घूमकर टेंपो व डग्गामार वाहनों में सड़क पर बस खड़ा कर सवारी भरवाता है। पूर्व में इसको लेकर कई बार विवाद और हाथापाई हो चुका है, लेकिन डग्गामार वाहन मालिकों की इतनी तगड़ी सेटिंग है कि इनके खिलाफ एआरटीओ व पुलिस वाले भी शिकंजा नहीं कस पाते हैं। कसया रोडवेज के बार जहां डग्गामार बसे सड़क पर खड़ी कर सवारी भरती हैं, वहां से थाने की दूरी महज 300 मीटर है। बावजूद इनके चालक और खलासी को थोड़ा भी भय नहीं रहता है। तहसील की दूरी भी करीब इतना ही होगा और बस स्टैंड के आस-पास सरकारी आवास भी पुलिस विभाग के जिम्मेदारों का है। शनिवार को बस स्टैंड के पास डग्गामार वाहन को सवारी भरने से मना करने पर कसया बस स्टेशन के प्रभारी को कुचलने का प्रयास चालक व खलासी ने किया, ऐसा आरोपी पुलिस को दिए गए तहरीर में कसया बस स्टेशन के प्रभारी ने लगाया है। कसया पुलिस ने इसे हल्के में लेते हुए शांतिभंग की कार्रवाई चालक पर इतिश्री कर लिया।
सुबह हो या शाम गोरखपुर जाने वाली डग्गामार बसों की कसया बस स्टेशन के बाहर भरमार रहता है। बस मालिका भी आस-पास मौजूद रहते हैं। इसमें कई ऐसे बस मालिका हैं जिनकी आठ से दस डग्गामार बसे चल रही है। इसकी मुख्य वजह यह भी हैं कि जिले के अधिकांश रूटों पर रोडवेज की बसें नहीं चलती हैं, जिला मुख्यालय पर आने व जाने के लिए डग्गामार बसे व टेंपो ही सहारा है।
इस संबंध में एआरएम जय प्रकाश प्रधान ने बताया कि बस स्टेशन से एक किमी के एरिया में निजी बस वालों को नहीं रहना है, लेकिन डग्गामार बस चालक रोडवेज के पास बसें खड़ी कर सवारी भर रहे हैं। डग्गामार बस के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।