नेबुआ नौरंगिया। स्थानीय थाना क्षेत्र के श्रीराम जानकी मंदिर पिपरा बुजुर्ग से सटे तालाब और भीटा की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने सोमवार को हटवा दिया। छह माह से हो रही शिकायतों और मंदिर के महंथ शत्रुधनदास के आमरण अनशन के बाद प्रशासन हरकत में आया। 19 अतिक्रमणकारियों के अस्थायी कब्जे को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण हटाने के दौरान कई थानों की पुलिस तैनात रही।
पिपरा बुजुर्ग स्थित श्रीराम जानकी मंदिर से सटे तालाब और भीटा की भूमि पर काफी दिनों से लोग अतिक्रमण किए थे। विरोध करने पर महंथ को धमकाते थे, शिकायत के बाद भी जिम्मेदार नहीं सुनते थे। इसके चलते इस वर्ष दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और छठ पर्व न मनाने की घोषणा तक कर दी गई। मंदिर के महंथ शत्रुधनदास रविवार सुबह से आमरण अनशन पर बैठ गए। इनके समर्थन में विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री राजन जायसवाल, मंडल प्रभारी डॉ. कमलेश साही, जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल, हिंदू नेता नीरज सिंह समेत बड़ी संख्या में साधु-संत और पदाधिकारी जुट गए। सोमवार को मंहत की हालत बिगड़ने पर विशुनपुरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जिसान अली मौके पर पहुंचे और जांच के बाद स्थिति गंभीर बताई। इसके बाद तहसीलदार अभिषेक मिश्रा, राजस्वकर्मी और थानाध्यक्ष दीपक सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अनशनकारियों के न मानने पर प्रशासन ने बुलडोजर लगाकर तत्काल प्रभाव से 19 अतिक्रमणकारियों के कच्चे निर्माण ध्वस्त करा दिया। इसके बाद महंथ को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया। इलाज के लिए एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इसको लेकर पूरे दिन गहमा गहमी का माहौल रहा। तहसीलदार अभिषेक मिश्रा ने बताया कि अवैध तरीके से किए गए अतिक्रमण को हटवा दिया गया है।